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'BJP के आते ही ASI हुआ लकवाग्रस्त': पहली बार बाबरी की जगह पर राम मंदिर का दावा करने वाले पुरातत्वविद का आरोप

Sat, 17 Dec 2022 11:15 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Sat, 17 Dec 2022 11:15 AM IST
सार

केके मुहम्मद ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जगनमोहन के कार्यकाल को एएसआई के लिए गोल्डन पीरियड बताया। उन्होंने आगे कहा, नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद आम जनता ने संस्कृति के क्षेत्र में परिवर्तन की उम्मीद की थी।

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ASI became paralyzed after BJP came in center, allegation of archaeologist KK Muhammed
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर) केके मुहम्मद - फोटो : ANI

विस्तार

अयोध्या में बाबरी मस्जिद के नीचे पहली बार राम मंदिर के अवशेष देखने का दावा करने वाले पुरातत्वविद केके मोहम्मद ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि 2014 में भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद से यह विभाग पूरी तरह से लकवाग्रस्त हो गया है। 

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अपनी किताब, एन इंडियन आई एम" शीर्षक से हाल ही में जारी अपनी आत्मकथा में उन्होंने लिखा है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) भाजपा शासन के पहले सात वर्षों के दौरान लकवाग्रस्त शरीर में सिमट कर रह गया है। उन्होंने किताब में लिखा कि 2014 में जब भगवा पार्टी सत्ता में आई तो उसने अधीक्षण पुरातत्वविदों की वित्तीय शक्तियों को 25 लाख रुपये से घटाकर 3 लाख रुपये कर दिया। इस कारण वे स्मारकों और मंदिरों का कोई संरक्षण कार्य नहीं कर सके और हर छोटी से छोटी बात के लिए दिल्ली हेड ऑफिस का मुंह देखते हैं। 
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जगनमोहन के कार्यकाल को बताया गोल्डन पीरियड 
केके मुहम्मद ने अपनी किताब में एएसआई को लाभदायक निकाय बनाने के सुझाव भी बताए। इस दौरान उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री जगनमोहन के कार्यकाल को एएसआई के लिए गोल्डन पीरियड बताया। उन्होंने आगे कहा, नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद आम जनता ने संस्कृति के क्षेत्र में परिवर्तन की उम्मीद की थी। उन्होंने कहा, कांग्रेस शासन के दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश में चंबल क्षेत्र में बटेश्वर में 25 लाख रुपये की वित्तीय शक्ति का उपयोग करते हुए 80 मंदिरों का पुनर्निर्माण किया। उन्होंने आगे कहा, यह दुख की बात है कि भाजपा के पिछले सात सालों के शासन के दौरान बटेश्वर में एक भी मंदिर का पुनर्निर्माण नहीं हुआ है। 
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पद्मश्री से हो चुके हैं सम्मानित 
बता दें, केके मोहम्मद 1976-77 में अयोध्या में प्रोफेसर बीबी लाल के नेतृत्व वाली पहली खुदाई टीम का हिस्सा थे। 1990 में एक अखबार के लेख के माध्यम से उन्होंने स्वीकार किया था कि उन्होंने मस्जिद के नीचे राम मंदिर के अवशेष देखे थे। केंद्र सरकार की ओर से उन्हें 2019 में पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है। 


पूर्व मंत्री ने दी कार्रवाई के चेतावनी 
उधर, केके मुहम्मद के आरोप पर पूर्व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि मैंने किताब पढ़ी है। मैं इसकी समीक्षा कर रहा हूं, अगर जरूरत पड़ी तो मैं इस मामले में  आवश्यक कार्रवाई करूंगा।

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