फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Ashwani Kumar resigns from Congress: he Was angry with the removal of Captain amrinder singh and selection process of new CM face

अश्विनी कुमार का कांग्रेस से इस्तीफा: कैप्टन को हटाने और सीएम चेहरे की चयन प्रक्रिया से थे नाराज, कहते थे ये पार्टी की संस्कृति नहीं

Tue, 15 Feb 2022 07:58 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Tue, 15 Feb 2022 07:58 PM IST
सार

कांग्रेस से जुड़े सूत्र बताते हैं कि पंजाब में जिस तरह से मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के बीच में विवाद पनपा, उससे भी अश्वनी कुमार न सिर्फ नाराज थे बल्कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को कई बार अंधेरे में रखे जाने पर भी वह नाराजगी जता चुके थे...

विज्ञापन
Ashwani Kumar resigns from Congress: he Was angry with the removal of Captain amrinder singh and selection process of new CM face
पूर्व कांग्रेस नेता अश्विनी कुमार और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

कांग्रेस के बड़े नेताओं की नाराजगी वाली सूची में पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार शामिल नहीं थे। जब कांग्रेस के नाराज नेताओं का जी-23 ग्रुप पार्टी की नीतियों और कार्य प्रणालियों पर खुले आम सवाल उठाता था, तो अश्विनी कुमार न सिर्फ उसका बचाव करते थे बल्कि सोनिया गांधी के पक्ष में खड़े रहते थे। कभी सोनिया गांधी के सबसे करीबी नेताओं में शामिल रहे अश्विनी कुमार को आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि 46 साल की राजनीतिक पार्टी से जुड़ी आस्था छिटक गई और उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जिस तरीके से कैप्टन अमरिंदर सिंह को पंजाब के मुख्यमंत्री पद से हटाया गया, वह उससे आहत थे। उन्होंने आलाकमान से ऐसे तौर-तरीकों पर आपत्ति भी दर्ज की थी।

विज्ञापन


कांग्रेस से जुड़े एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि अश्वनी कुमार का कांग्रेस में न सिर्फ एक बड़ा कद था, बल्कि वह पार्टी के एक भरोसेमंद नेता भी थे। उक्त पार्टी के नेता का कहना है पंजाब में जैसे-जैसे राजनैतिक परिवर्तन हो रहे थे वह उसकी प्रक्रिया पर नाराजगी जता रहे थे। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने इस बात का जिक्र न सिर्फ आलाकमान बल्कि अपने समकक्ष नेताओं से भी किया कि कांग्रेस की यह संस्कृति नहीं है कि इतने बड़े नेता को कोई बेइज्जत करके ऐसे हटा दें।

विज्ञापन

चन्नी और सिद्धू के बीच विवाद भी बना वजह

कांग्रेस से जुड़े सूत्र बताते हैं कि अश्वनी कुमार सिर्फ इस प्रक्रिया से ही नहीं आहत थे बल्कि जिस तरीके से मुख्यमंत्री के चेहरे को चुनने की प्रक्रिया अपनाई गई, उससे भी वह इत्तेफाक नहीं रखते थे। सूत्रों का कहना है कि अश्विनी कुमार पार्टी न सिर्फ पार्टी की विचारधारा बल्कि उसकी संस्कृति को बचाकर आगे बढ़ाने के पक्षधर थे। लेकिन पंजाब में जिस तरह से मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के बीच में विवाद पनपा, उससे भी अश्वनी कुमार न सिर्फ नाराज थे बल्कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को कई बार अंधेरे में रखे जाने पर भी वह नाराजगी जता चुके थे। सूत्र बताते हैं सिर्फ यही दो मामले ही अश्विनी कुमार को पार्टी से दूर नहीं ले गए, बल्कि कांग्रेस के कई बड़े नेताओं का पार्टी में सम्मान न मिलना भी एक बड़ा कारण रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन


पंजाब कांग्रेस से जुड़े हुए एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि कांग्रेस के नाराज जी 23 ग्रुप के कई वरिष्ठ नेता पंजाब से ही ताल्लुक रखते हैं। लेकिन इन नेताओं ने कभी भी अश्विनी कुमार को अपने खेमे में शामिल करने के लिए पहल नहीं की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बताते हैं कि अश्विनी कुमार की पार्टी से तकरीबन पांच दशक की आस्था उनको हमेशा न सिर्फ मजबूत रखती थी बल्कि उन नेताओं की श्रेणी में खड़ी करती थी जो पार्टी को कई बार अंधेरे में जाने से बचाते थे।

यह भी है बड़ा कारण

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं कि कांग्रेस में पूर्णकालिक अध्यक्ष के न होने से पूरी पार्टी डांवाडोल हो चुकी है। उनका कहना है अगर कांग्रेस अभी भी अपनी परिस्थितियों, हालात और दशाओं को नहीं देखेगी, तो आने वाले दिनों में कांग्रेस के और भी कई बड़े नेता ना सिर्फ पार्टी छोड़ेंगे बल्कि पार्टी का आने वाले चुनावों में भी कोई जनाधार भी नहीं बचेगा।



कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी में अभी भी गुपचुप तरीके से या कहीं-कहीं पर खुलकर राहुल गांधी का जबरदस्त विरोध हो रहा है। वे कहते हैं कई बार तो विरोध का स्तर ऐसा होता है जो सिर्फ चर्चा करने भर से ही खत्म हो जाता है या बीच का रास्ता निकल आता हैं। लेकिन इस वक्त कांग्रेस में ऐसा कोई केंद्र बिंदु नहीं हैं, जहां पर ऐसे विरोध और गतिरोध को सुलझाया जा सके। ऐसे हालातों में नतीजा यह होता है कि या तो दोनों पक्ष और विपक्ष आपस में लड़ते-झगड़ते पार्टी का नुकसान करते हुए आगे बढ़ते रहते हैं। या फिर एक पक्ष पार्टी छोड़ दे। उक्त नेता का कहना है कि पार्टी में इस वक्त दोनों तरह की गतिविधियां शामिल हैं। लोग विरोध करके पार्टी का नुकसान कर रहे हैं और पार्टी छोड़ भी रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को अभी न सिर्फ सजग होना होगा बल्कि इस पर गंभीरता से विचार भी करना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed