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कांग्रेस नेताओं को फंसाने के लिए PMO में सेल खुला :अशोक गहलोत
amarujala.com-Presented by- अकरम
Updated Fri, 28 Apr 2017 07:39 PM IST
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अशोक गहलोत
- फोटो : file photo
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा और दामाद रॉबर्ट वाड्रा को लेकर उठे सवालों पर कांग्रेस नेताओं के निशाने पर सीधे तौर पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय है। कांग्रेस महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि कांग्रेस नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों को फंसाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में बाकयदा एक सेल बनाया गया है।
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दूसरी ओर प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी का कहना है कि अगर रिपोर्ट सरकार की ओर से लीक नहीं हुई है तो सिर्फ ढींगरा आयोग रिपोर्ट लीक कर सकता है। उनका कहना है कि इस रिपोर्ट का कोई कानूनी अस्तित्व नहीं है।
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सिंघवी ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद रिपोर्ट से संबंधित पैरा लीक कराए गए हैं। उनका कहना है कि राबर्ट वाड्रा का नाम लीक रिपोर्ट में शामिल है जबकि ढींगरा आयोग की ओर से वाड्रा को एक भी नोटिस या समन नहीं भेजा गया है। ऐसे में बिना नोटिस कैसे रिपोर्ट में वाड्रा को शामिल किया गया है।
उनका कहना है कि ये सरकार जानबूझकर चुनकर प्रतिशोध की राजनीति करती जो उसकी पुरानी आदत है। ऐसा करते समय वे दो चीज भूल गई कि इस मामले में 23 नवंबर 2016 और 26 अप्रैल 2017 में हाईकोर्ट ने ढींगरा आयोग की रिपोर्ट प्रकाशित न करने पर रोक लगाई है।
ऐसे में रिपोर्ट मीडिया के पास कैसे पहुंच गई। मीडिया भी इसे प्रकाशित नहीं कर सकता है। चौंकाने वाली बात ये है कि लीक रिपोर्ट में रॉबर्ट वाड्र और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम शामिल है। जबकि वाड्रा को कोई नोटिस तक नहीं मिला। हुड्डा को आयोग की ओर से पत्र जरूर भेजा गया लेकिन जब उनकी ओर से एलके आडवाणी और किरण बेदी के मामलों का हवाला देते हुए 8-बी में नोटिस भेजने की बात कही गई तो उन्हें भी कोई नोटिस नहीं भेजा गया।