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अरविंद केजरीवाल की राजनीति को जनता ने नकारा
शशिधर पाठक
Updated Sat, 11 Mar 2017 03:43 PM IST
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आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने हार स्वीकार कर ली है। पंजाब और गोवा के नतीजे आम आदमी पार्टी के लिए सबक की तरह हैं। जनता ने अरविंद केजरीवाल की टकराव की राजनीति की शैली को नकार दिया है। गोवा में जहां आम आदमी पार्टी के खाते में कोई सीट नहीं आ रही है, वहीं पंजाब में उसका पत्ता उड़ गया है। पंजाब में आम आदमी पार्टी जहां सत्ता का ख्वाब देख रही थी, वहीं पार्टी के खाते में 20 से भी कम सीटें जाती दिख रही हैं।
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लोकतंत्र में टकराव और हर बात पर टकराव नहीं चलता। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की सत्ता में वापसी के बाद अपनी छवि को इसी रूप में आगे बढ़ाना शुरू किया था। इसी तर्ज पर पंजाब में भी पार्टी ने राजनीति शुरू की थी। पहले पार्टी के नेता संजय सिंह और बाद में अन्य ने करीब-करीब इसी नीति को आगे बढ़ाया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी चिर परिचित शैली में प्रचार की धार देने की कोशिश की, लेकिन जनता के बीच में जमकर चर्चा में आई पार्टी को जनादेश ने जमकर सबक सिखाया है। अरविंद केजरीवाल की राजनीतिक शैली को कहीं से भी समर्थन मिलता नहीं नजर आ रहा है। माना जा रहा है कि इससे सबक लेते हुए जल्द ही आम आदमी पार्टी मंथन करके अपनी शैली में बड़ा बदलाव कर सकती है।
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कांग्रेस पंजाब में स्पष्ट बहुमत की ओर है। गोवा में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीटों का मामूली अंतर है, लेकिन आम आदमी पार्टी का गोवा में खाता ही नहीं खुला। जबकि गोवा में कुमार विश्वास ने थोड़ा अलग तरह का प्रयोग करने की कोशिश की थी। पार्टी जनता के बीच में चर्चा में भी रही। खास वर्ग में पैठ बनाती दिखाई दे रही थी। लेकिन नतीजे बिल्कुल विपरीत आए।
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