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अरविंद केजरीवाल ने कहा- बच्चों से है प्यार तो मोदी को नहीं आप को दें वोट
Tue, 29 Jan 2019 08:54 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 29 Jan 2019 08:54 AM IST
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अरविंद केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को बच्चों और उनके माता-पिता को संबोधित किया। उन्होंने डिफेंस कालोनी स्थित राजकीय कन्या विद्यालय में 11 हजार नए क्लासरूम की नींव रखी थी। इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दिल्ली के सभी 700 सरकारी स्कूलों में हुआ था। सभी स्कूलों में बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी। इस प्रसारण को बच्चों ने अपने परिजनों के साथ देखा। केजरीवाल ने आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान माता-पिता को देशभक्ति और मोदीभक्ति के बीच में से एक चुनकर उसके पक्ष में वोट डालने की अपील की।
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केजरीवाल ने कहा, 'यदि आप लोगों से पूछते हैं कि वह किसे वोट करेंगे तो वह कहते हैं मोदीजी। यदि आप उनसे पूछेंगे क्यों तो वह कहेंगे क्योंकि वह मोदीजी को प्यार करते हैं। अब आप इस का फैसला कीजिए कि आप मोदीजी को प्यार करते हैं या फिर अपने बच्चों को। यदि आप अपने बच्चों से प्यार करते हैं तो उन्हें वोट दें जो आपके बच्चों के लिए काम कर रहे हैं। यदि आप अपने बच्चों से प्यार नहीं करते हैं तो मोदीजी को वोट करें। मोदी ने आपके लिए एक भी स्कूल नहीं बनवाया है। आप या तो देशभक्ति कर सकते हैं या फिर मोदीभक्ति। दोनों चीजें करना संभव नहीं है।'
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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में 70 में से 66 सीटें देकर उन्हें जनता ने मजबूत किया तभी वह काम कर पा रहे हैं। मगर दिल्ली की 7 लोकसभा सीटें भाजपा को दे दी। भाजपा सांसद विकास में रोड़ा अटका रहे हैं। यदि हमें 7 सीटों पर जीत दिलवा देते तो कमरों को एक साल में नहीं बल्कि चार महीनों में पूरा करवा देते। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने से पहले हमने घोषणापत्र में 500 नए स्कूल बनाने का वादा किया था। अब लगभग 1000 स्कूलों के बराबर कमरे बन गए हैं। हमारा कार्यकाल खत्म होने से पहले दिल्ली में 21,000 नए कमरे बन जाएंगे।
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केजरीवाल ने कहा कि इसका मतलब यह हुआ कि 1,000 नए स्कूल खुल गए हैं। इस साल 13 हजार कमरे बन जाएंगे। सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं में बढ़ोतरी के साथ ही शिक्षा के स्तर में भी काफी सुधार हुआ है। इसका उदाहरण है कि विधायक अमानतुल्लाह और गुलाब सिंह ने अपने बच्चों का नाम निजी स्कूलों से कटवाकर सरकारी स्कूल में दाखिला करवाया है। स्कूल के अध्यापकों को आईआईएम लखनऊ और आईआईएम अहमदाबाद भेजकर ट्रेनिंग दिलवाई गई। स्कूल की प्रिंसिपल को भी विदेशों में ट्रेनिंग के लिए भेजा गया।