Arvind Kejriwal: क्या ED के सामने पेशी के अलावा केजरीवाल के पास बचे हैं और विकल्प? चुनाव पर पड़ सकता है असर
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विस्तार
अरविंद केजरीवाल को अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश होना पड़ेगा। पांच बार ईडी के नोटिस को नजरअंदाज कर चुके अरविंद केजरीवाल को राउज एवेन्यू कोर्ट ने जांच एजेंसी के सामने पेश होने के निर्देश दिए हैं। पांच बार ईडी के नोटिस को नजरअंदाज करने के बाद एजेंसी ने अदालत का रुख किया था, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने केजरीवाल को 17 फरवरी को एजेंसी के सामने पेश होने का निर्देश दिया। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले अब अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले में एजेंसी के सवालों के जवाब देने पड़ेंगे।
ईडी की जांच पुख्ता आधारों पर- भाजपा
भाजपा इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर सकती है। दिल्ली के साथ-साथ पंजाब में भी इसका असर हो सकता है। अदालत का निर्देश सामने आते ही भाजपा ने कहा है कि अब अरविंद केजरीवाल के सामने जांच से बचने के सभी विकल्प समाप्त हो गए हैं। अब उन्हें शराब घोटाले का सच अदालत और जनता को बताना होगा। भाजपा ने यह भी कहा है कि आम आदमी पार्टी जिस ईडी की जांच को राजनीति से प्रेरित बताती रही थी, उन्हीं आधारों को सही मानते हुए अदालत ने उन्हें ईडी के सामने पेश होने के आदेश दिए हैं। यह साबित करता है कि ईडी की जांच पुख्ता आधारों पर चल रही है।
आप के आरोप
आम आदमी पार्टी लगातार आरोप लगाती रही है कि प्रवर्तन निदेशालय की शराब घोटाले में जांच राजनीति से प्रेरित है। उसका कहना है कि अरविंद केजरीवाल को चुनाव प्रचार से रोकने के लिए भाजपा के इशारे पर अरविंद केजरीवाल को फंसाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी ने शराब घोटाले को भी पूरी तरह झूठ का पुलिंदा बताया है। हालांकि आम आदमी पार्टी का कहना है कि वह राउज एवेन्यू अदालत के इस आदेश को सेशन कोर्ट में चुनौती देगी।
ईडी-सीबीआई बनी कठपुतली- आप नेता
आम आदमी पार्टी नेता जैस्मिन शाह ने राउज एवेन्यू कोर्ट का निर्देश सामने आने के बाद कहा है कि भाजपा ने जांच एजेंसी ईडी और सीबीआई को सनसनी फैलाने वाली कठपुतली बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि केवल सनसनी पैदा करने के लिए रोज सुबह ईडी को जांच करने के लिए भेज दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इसका उद्देश्य आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की छवि खराब करना है।
दिल्ली-पंजाब पर असर का अनुमान
अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी के सबसे बड़े चेहरे हैं। पार्टी का पूरा चुनावी अभियान उनके ही इर्द-गिर्द घूमता रहा है। लोकसभा चुनावों के साथ-साथ विधानसभा चुनाव में भी वे ही सबसे बड़े स्टार प्रचारक की भूमिका में दिखाई पड़ते हैं। पार्टी लगभग सभी चुनाव उनके शासन के दिल्ली मॉडल पर ही लड़ती है। ऐसे में यदि उन पर जांच का असर पड़ता है, तो इससे आम आदमी पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर असर पड़ सकता है। लेकिन जिस तरह आम आदमी पार्टी के मनीष सिसोदिया और संजय सिंह पर जांच की गाज गिरी है, उसके कई नेता शराब घोटाले की जांच से अब तक बाहर नहीं निकल पाए हैं, माना जा रहा है कि केजरीवाल की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं।
अब न्यायालय का सम्मान करें केजरीवाल- भाजपा
वहीं, भाजपा ने कहा है कि उसे अब उम्मीद है कि अरविंद केजरीवाल अब अदालत के निर्णय का सम्मान करेंगे और ईडी के सामने पेश होकर जांच का सामना करेंगे। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने राउज एवेन्यू अदालत के पेशी पर दिए गए निर्देश पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि अब भी अरविंद केजरीवाल ईडी के सामने पेश नहीं होंगे, तो इसका एक ही अर्थ होगा कि वे शराब घोटाले के मुख्य सूत्रधार हैं।
सचदेवा ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल लगातार खुद को निर्दोष बताते रहे हैं। ईडी पर भाजपा का हथियार बनने का दोषारोपण करते रहे हैं। लेकिन आज अदालत ने ईडी के उन्हीं तर्कों को सही मानते हुए केजरीवाल को ईडी के सामने पेश होने का आदेश दिया है। यह बताता है कि आम आदमी पार्टी द्वारा ईडी की जांच पर खड़े किए जा रहे सवाल बेबुनियाद थे।