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सामान्य वर्ग आरक्षण बिल: लोकसभा में अरुण जेटली की 10 बड़ी बातें
Tue, 08 Jan 2019 07:00 PM IST
Anupam Prasun
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Anupam Prasun
Updated Tue, 08 Jan 2019 07:00 PM IST
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Arun jaitley
- फोटो : pti
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सवर्ण आरक्षण बिल मंगलवार को लोकसभा में पेश किया गया। थावरचंद गहलोत ने इसे संसद में रखा और इस पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के गरीब लोगों के लिए एक एतिहासिक कदम की जरुरत थी। बहस के दौरान सदन में काफी हंगामा हुआ।
बता दें कि सोमवार को मोदी कैबिनेट ने सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण को मंजूरी दी थी। अगले दिन मंगलवार को संविधान संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया गया। इसी पर सदन में बहस हुई। बुधवार को इसे राज्यसभा में रखा जाएगा।
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जेटली की 10 बड़ी बातें पढ़ें-
- सभी दलों ने घोषणा पत्र में अनारक्षित आरक्षण की बात कही थी। उन्होंने कहा कि इसके लिए पिछली सरकारों ने सही कोशिशें नहीं की थीं।
- संविधान में सबकी समानता की बात कही गई है। इस बिल से सभी की बराबरी का प्रयास किया गया है
- इस बिल में सभी जाति के आधार पर और आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया गया है। हर नागरिक को अवसर देने की जरूरत है।
- जाति को बदलना संभव नहीं है। इसमें 50% का दायरा सामाजिक पिछड़ों के लिए है। संसद से 50% का दायरा बढ़ सकता है।
- अगर समर्थन कर रहे हैं तो खुले दिल से कीजिए। समर्थन के साथ शिकवा शिकायत न करें। बड़ा दिल दिखाइए।
- राज्यों ने भी आरक्षण देने की कोशिश की लेकिन वह सुप्रीम कोर्ट में जाकर रद्द हो गया। इसके लिए सही रास्ता नहीं अपनाया गया।
- इस बिल पर आज कांग्रेस और उसके साथियों की परीक्षा है।
- संविधान में 50 फीसदी आरक्षण का दायरा सामजिक तौर पर पिछड़े वर्गों के लिए लागू है, आर्थिक तौर पर पिछड़ों के लिए यह लागू नहीं है।
- आर्थिक आधार पर आरक्षण 50 फीसदी से भी ज्यादा हो सकता है क्योंकि वह जातिगत आरक्षण से अलग है।
- अरुण जेटली ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि जुमले की शुरुआत हमने नहीं बल्कि विपक्ष ने की थी। हमने आरक्षण की बात अपने घोषणापत्र में ही कही थी। सभी दलों को इस पर बड़ा दिल दिखाना चाहिए।
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बता दें कि सोमवार को मोदी कैबिनेट ने सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण को मंजूरी दी थी। अगले दिन मंगलवार को संविधान संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया गया। इसी पर सदन में बहस हुई। बुधवार को इसे राज्यसभा में रखा जाएगा।