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कश्मीर के पत्थरबाज सत्याग्रही नहीं, हमलावर हैं: जेटली

Sun, 21 Aug 2016 08:35 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 21 Aug 2016 08:35 PM IST
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Arun jaitley in Jammu-Kashmir slams pakistan for Kashmir unrest
वित्त मंत्री अरुण जेटली - फोटो : Getty

कश्मीर के पत्थरबाजों को सत्याग्रही नहीं हमलावर बताते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि पाकिस्तान ने देश की एकता पर नए तरीके का आक्रमण किया है। कश्मीर के हालात खराब करने में पाकिस्तान, अलगाववादियों के अलावा मजहबी ताकतों का हाथ है। देश की सुरक्षा से कोई समझौता व हिंसा करने वालों के साथ कोई रहम नहीं होगा और पाकिस्तान इस बार भी परास्त होगा। जेटली ने रविवार को आजादी के 70 साल पर भाजपा के जरा याद करो कुर्बानी कार्यक्रम की श्रृंखला के तहत स्वतंत्रता सेनानी एवं प्रजा परिषद और जन संघ के पूर्व प्रधान स्व. पंडित प्रेमनाथ डोगरा के जन्म स्थल समैलपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए कश्मीर हिंसा के लिए पाकिस्तान पर सीधा निशाना साधा।

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जेटली ने कहा नए तरीके से देश पर हुआ आक्रमण बहुत बड़ी चुनौती है। अब आवश्यकता यह है कि देश की सुरक्षा व एकता से समझौता किए बिना अलगाववादियों के साथ संघर्ष में जम्मू कश्मीर के लोगों को देश के साथ लाकर खड़ा करना है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्राथमिकताएं हैं। इनमें से पहला लोगों को सुरक्षा प्रदान करना, दूसरा राष्ट्र विरोधी और देश की सुरक्षा के साथ समझौता न करना और तीसरा रियासत का आर्थिक विकास को पटरी पर लाकर युवाओं के लिए अवसर पैदा करना। भाजपा के लिए यह एजेंडा है कि कश्मीर व लेह की तो चिंता करें लेकिन प्राथमिकता जम्मू को दे व यहां अभूतपूर्व विकास करवाए।
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जेटली ने कहा कि बंटवारे के बाद से ही पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर को भारत का अटूट हिस्सा कभी स्वीकार नहीं किया। 1947 में जम्मू कश्मीर पर पाक ने हमला किया। भारत उस समय तैयार नहीं था और पाक ने रियासत का कुछ हिस्सा कब्जा लिया। इसके बाद पाकिस्तान ने 1965 और 1971 में युद्ध लड़ा और बुरी तरह से हारा और भारत ताकतवर सैन्य शक्ति के रूप में उभरा। पाक समझ गया कि सेना के बल पर कश्मीर को जीतना संभव नहीं, तो उसने १९९० में आतंकवाद का सहारा लिया।
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भारत ने जब आतंकवाद से लडऩा सीख लिया और हजारों आतंकवादियों को मार गिराया। अमेरिका में 9/11 के बाद आतंकवाद के प्रति विश्व की घृणा पैदा हुई तो पाकिस्तान अब सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंकने जैसे नए तरीके से युद्ध पर उतर आया है और इसमें भी पाकिस्तान की हार होगी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह, उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा, सांसद जुगल किशोर शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष कविंद्र गुप्ता समेत राज्य के कई मंत्री व विधायक भी मौजूद रहे।

कुछ राजनीतिक दल करते हैं वोट बैंक की राजनीति

Arun jaitley in Jammu-Kashmir slams pakistan for Kashmir unrest
वित्त मंत्री अरुण जेटली - फोटो : file photo

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस का नाम लिए बिना कहा कि देश में कुछ राजनीति दल केवल वोट बैंक की राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा चार दिन पहले कर्नाटक की राजधानी बंगलुरू में विदेशी फंड से चलने वाली एक संस्था की ओर से आयोजित कार्यक्रम में आजादी के नारे लगे। कर्नाटक के गृह मंत्री ने बाद में बयान दिया कि कोई गंभीर मामला नहीं है।

उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में जेएनयू में भारत के टुकड़े करने के नारे लगे। संसद और इसके बाहर मामला गर्माया। भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी थी जिसने जेएनयू मामले पर कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी में देश के टुकड़े करना शामिल नहीं। कांग्रेस के राष्टï्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी जेएनयू चले गए और उनका समर्थन किया। ऐसी सोच देश का दुर्भाग्य है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम व आजादी के बाद जम्मू कश्मीर एक विधान, एक निशान के लिए हुए आंदोलन में पंडित प्रेमनाथ डोगरा की भूमिका की सराहना की और कहा कि इतिहास बताएगा कि पंडित डोगरा और डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का रास्ता सही था।

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