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Arun Gawli: 17 साल बाद जेल से बाहर आया गैंगस्टर अरुण गवली, हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

Wed, 03 Sep 2025 03:06 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 03 Sep 2025 03:06 PM IST
सार

गवली पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। शीर्ष अदालत ने गवली को निचली अदालत द्वारा लगाए गए नियमों और शर्तों के तहत जमानत दी।

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Arun Gawli walks out of Nagpur jail after 17 years as Supreme court grants him bail in murder case
अरुण गवली (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

विस्तार

साल 2007 के हत्या के एक मामले में जेल में 17 साल बिताने के बाद गैंगस्टर अरुण गवली बुधवार को नागपुर की सेंट्रल जेल से बाहर आ गया। सुप्रीम कोर्ट ने अरुण गवली की जमानत मंजूर की थी। मुंबई के शिवसेना पार्षद कमलाकर जामसांदेकर की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 76 वर्षीय गवली को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी है। जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि गवली की जमानत याचिका मंजूर की। 
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निचली अदालत द्वारा लगाई गई शर्तों के तहत मिली जमानत
एक अधिकारी ने बताया, जेल की सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, गवली दोपहर करीब 12:30 बजे जेल से बाहर आया। उसके परिवार के सदस्यों और समर्थकों ने उसका स्वागत किया। गवली पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। शीर्ष अदालत ने गवली को निचली अदालत द्वारा लगाए गए नियमों और शर्तों के तहत जमानत दी।
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दगड़ी चॉल से सुर्खियों में आया अरुण गवली
गवली ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के 9 दिसंबर, 2019 के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें निचली अदालत द्वारा दी गई आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी गई थी। अरुण गवली मुंबई के भायखला के एक इलाके, दगड़ी चॉल से सुर्खियों में आया और उसने अखिल भारतीय सेना के स्थापना की। वह 2004 से 2009 तक मुंबई के चिंचपोकली विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रहा। अगस्त 2012 में, मुंबई की एक सत्र अदालत ने गवली को शिवसेना पार्षद की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और 17 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

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