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Tamil Nadu: कई महीने की रणनीति के बाद पकड़े कोयंबटूर बम विस्फोट के आरोपी, करीब तीन दशकों बाद मिली सफलता
Fri, 11 Jul 2025 02:32 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 11 Jul 2025 02:32 PM IST
सार
तमिलनाडु डीजीपी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 'अबूबकर सिद्दीकी, मोहम्मद अली और सादिक उर्फ टेलर राजा को लगभग तीन दशक तक फरार रहने के बाद गिरफ्तार किया गया है। पुलिस लगातार उनका पीछा कर रही थी। इन अभियानों को 'अराम' और 'अगाझी' नाम दिया गया था।
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तमिलनाडु पुलिस
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
तमिलनाडु पुलिस ने हाल ही में साल 1998 के कोयंबटूर सीरियल बम धमाकों के मुख्य आरोपी समेत तीन आतंकियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। अब तमिलनाडु के डीजीपी शंकर जिवाल ने बताया कि तमिलनाडु पुलिस ने आतंकियों को पकड़ने के लिए कई महीने तक ऑपरेशन चलाया और कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की पुलिस के साथ समन्वय करके ऑपरेशन को अंजाम दिया।
कोयंबटूर बम धमाकों में गई थी 58 लोगों की जान
तमिलनाडु डीजीपी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 'अबूबकर सिद्दीकी, मोहम्मद अली और सादिक उर्फ टेलर राजा को लगभग तीन दशक तक फरार रहने के बाद गिरफ्तार किया गया है। पुलिस लगातार उनका पीछा कर रही थी। इन अभियानों को 'अराम' और 'अगाझी' नाम दिया गया था। ये तीनों व्यक्ति 1998 के कोयंबटूर सीरियल बम धमाकों के आरोपी हैं। कोयंबटूर बम धमाकों में 58 लोग मारे गए थे और 250 से ज़्यादा घायल हुए थे। साथ ही ये लोग साल 2013 में बंगलूरू के मल्लेश्वरम बम विस्फोट सहित कई मामलों में भी वांछित हैं।
छह महीने से ऑपरेशन चला रही थी पुलिस
डीजीपी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए पिछले लगभग छह महीनों से आंध्र प्रदेश और कर्नाटक पुलिस के साथ समन्वय में अभियान चलाए जा रहे थे। पुलिस ने अबूबकर सिद्दीकी और मोहम्मद अली को आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले से गिरफ्तार किया है। वहीं सादिक उर्फ टेलर राजा को कर्नाटक के विजयपुरा से गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार आरोपी किराना दुकान, दर्जी की दुकान और रियल एस्टेट जैसे व्यवसायों से जुड़े थे।
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ये भी पढ़ें- Rahul Gandhi: भुवनेश्वर में राहुल गांधी का भाजपा पर हमला, कहा- अब बिहार में चुनाव चोरी करने की हो रही साजिश
बम धमाकों के कई वर्षों बाद हुई गिरफ्तारी के चलते पुलिस ने आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए कुछ मापदंडों का इस्तेमाल किया और 24 घंटे के भीतर ही इनकी पहचान की पुष्टि हो गई। डीजीपी ने कहा कि सिद्दीकी और अली किसी प्रतिबंधित संगठन से जुड़े नहीं दिखते, लेकिन सादिक के प्रतिबंधित अल-उम्मा समूह का सदस्य होने का शक है। आरोपियों की संभावित विदेश यात्राओं सहित विभिन्न विवरणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।
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कोयंबटूर बम धमाकों में गई थी 58 लोगों की जान
तमिलनाडु डीजीपी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 'अबूबकर सिद्दीकी, मोहम्मद अली और सादिक उर्फ टेलर राजा को लगभग तीन दशक तक फरार रहने के बाद गिरफ्तार किया गया है। पुलिस लगातार उनका पीछा कर रही थी। इन अभियानों को 'अराम' और 'अगाझी' नाम दिया गया था। ये तीनों व्यक्ति 1998 के कोयंबटूर सीरियल बम धमाकों के आरोपी हैं। कोयंबटूर बम धमाकों में 58 लोग मारे गए थे और 250 से ज़्यादा घायल हुए थे। साथ ही ये लोग साल 2013 में बंगलूरू के मल्लेश्वरम बम विस्फोट सहित कई मामलों में भी वांछित हैं।
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छह महीने से ऑपरेशन चला रही थी पुलिस
डीजीपी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए पिछले लगभग छह महीनों से आंध्र प्रदेश और कर्नाटक पुलिस के साथ समन्वय में अभियान चलाए जा रहे थे। पुलिस ने अबूबकर सिद्दीकी और मोहम्मद अली को आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले से गिरफ्तार किया है। वहीं सादिक उर्फ टेलर राजा को कर्नाटक के विजयपुरा से गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार आरोपी किराना दुकान, दर्जी की दुकान और रियल एस्टेट जैसे व्यवसायों से जुड़े थे।
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बम धमाकों के कई वर्षों बाद हुई गिरफ्तारी के चलते पुलिस ने आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए कुछ मापदंडों का इस्तेमाल किया और 24 घंटे के भीतर ही इनकी पहचान की पुष्टि हो गई। डीजीपी ने कहा कि सिद्दीकी और अली किसी प्रतिबंधित संगठन से जुड़े नहीं दिखते, लेकिन सादिक के प्रतिबंधित अल-उम्मा समूह का सदस्य होने का शक है। आरोपियों की संभावित विदेश यात्राओं सहित विभिन्न विवरणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।