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Maharashtra: मुंबई पुलिस को बड़ा झटका, धोखाधड़ी के आरोपी की गिरफ्तारी को विशेष अदालत ने बताया गैरकानूनी

Mon, 07 Jul 2025 10:18 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: पवन पांडेय Updated Mon, 07 Jul 2025 10:18 PM IST
सार

मुंबई पुलिस के लिए शर्मिंदगी की बात यह रही कि एक अदालत ने हाल ही में कोलकाता से पकड़े गए धोखाधड़ी के एक आरोपी को हिरासत में लेने से इनकार कर दिया और उसे कोलकाता की एक जेल में वापस भेज दिया। अदालत ने कहा कि देरी के कारण गिरफ्तारी और पेशी अवैध हो गई।

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Arrest of fraud case accused from Kolkata ruled as illegal due to delay in production in court
महाराष्ट्र पुलिस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : X / @DGPMaharashtra

विस्तार

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को उस समय बड़ा झटका लगा जब एक विशेष अदालत ने कोलकाता से लाए गए धोखाधड़ी के आरोपी की गिरफ्तारी को गैरकानूनी करार दिया। बिजनेसमैन शैलेशकुमार पांडे को कोलकाता की जेल से मुंबई लाया गया था, जहां वह एक अन्य मामले में बंद थे। पुलिस का दावा था कि आरोपी ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को हर महीने 5-15% रिटर्न का झांसा देकर निवेश करवाया और 17-18 फर्जी कंपनियों के जरिए पैसों को इधर-उधर किया।
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आर्थिक अपराध शाखा ने क्या-क्या लगाए थे आरोप?
ईओडब्ल्यू ने कहा कि आरोपी ने करीब 200 बैंक खाते खुलवाने में मदद की और 18-20 करोड़ रुपये की कमाई की। इसलिए पुलिस को उसकी हिरासत चाहिए थी। लेकिन विशेष न्यायाधीश एन.जी. शुक्ला ने यह कहते हुए पुलिस की मांग खारिज कर दी कि आरोपी को गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश नहीं किया गया, जो कि कानून के खिलाफ है। पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपी की हिरासत की आवश्यकता उससे उक्त राशि के निपटान के बारे में पूछताछ करने के लिए थी।
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बिजनेसमैन को मिली जमानत, कोलकाता भेजा गया
मामले में विशेष न्यायाधीश शुक्ला ने हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला दिया, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि गिरफ्तारी का समय वह समय माना जाता है जब आरोपी को शारीरिक हिरासत में लिया जाता है, न कि गिरफ्तारी ज्ञापन तैयार होने का समय। बिजनेसमैन शैलेशकुमार पांडे को 28 जून को दोपहर 2:20 बजे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन कोर्ट में 30 जून को पेश किया गया – यानी तय समयसीमा से देर से। कोर्ट ने इसे अवैध गिरफ्तारी मानते हुए पुलिस हिरासत से इंकार कर दिया और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा। बाद में बिजनेसमैन शैलेशकुमार पांडे को जमानत मिल गई और उसे कोलकाता के प्रेसिडेंसी जेल वापस भेज दिया गया।

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