{"_id":"6795f49337ef1f5f650e2d03","slug":"around-10around-10000-special-guests-took-part-in-the-republic-day-2025-parade-ceremony-news-in-hindi000-special-guests-took-part-in-the-republic-day-2025-parade-ceremony-news-in-hindi-2025-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Republic Day: गांवों के सरपंचों से लेकर आशा कार्यकर्ता तक, गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुए 10000 विशिष्ट अतिथि","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Republic Day: गांवों के सरपंचों से लेकर आशा कार्यकर्ता तक, गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुए 10000 विशिष्ट अतिथि
Sun, 26 Jan 2025 02:09 PM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Sun, 26 Jan 2025 02:09 PM IST
सार
गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर लगभग 10000 विशेष अतिथियों का नई दिल्ली में आगमन हुआ। केंद्र सरकार ने इन्हें विशेष आमंत्रण देकर बुलाया। इनमें कई गांव के सरपंचों के साथ-साथ आशा कार्यकर्ता, आपदा राहत कार्यकर्ता समेत समाजिक जीवन में अतुल्य योगदान देने वाले लोग शामिल थे।
विज्ञापन
गणतंत्र दिवस 2025
- फोटो : PTI
विस्तार
आज देशभर में 76वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर रविवार को कर्तव्य पथ पर हुए गणतंत्र दिवस परेड में करीब 10000 विशेष अतिथि शामिल हुए। इनमें गांव के सरपंच, आपदा राहत कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और पैरालंपिक एथलीट शामिल थे।
बता दें कि गणतंत्र दिवस समारोह के जरिए केंद्र सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय आयोजनों में जनभागीदारी बढ़ाना था। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए सरकार द्वारा विशेष अतिथियों को विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित किया गया था। इनमें वे लोग भी थे जिन्होंने सरकारी योजनाओं का बेहतरीन तरीके से लाभ उठाया।
सबसे ज्यादा गांव के सरपंच थे आमंत्रित
गणतंत्र दिवस समारोह के परेड में गांवों के सरपंचों को खासतौर पर आमंत्रित किया गया, जिन्होंने सरकारी पहलों में अच्छे परिणाम दिए थे। जिन सरपंचों के गांवों ने छह प्रमुख योजनाओं में लक्ष्य हासिल किए, उन्हें विशेष अतिथि के रूप में चुना गया और 500 से ज्यादा सरपंचों को इस परेड में आमंत्रित किया गया।
विज्ञापन
साथ ही इस आयोजन में करीब 300 आपदा राहत कार्यकर्ता, 300 अतिथि, 400 जल योद्धा, 200 पीएसी समितियों के प्रतिनिधि, 400 पानी समितियों के सदस्य, 400 कृषि और उद्योग सखियों के अलावा 200 स्वयं सहायता समूह के सदस्य भी शामिल थे। अन्य अतिथियों में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के तहत प्रशिक्षण लेने वाले 200 प्रशिक्षु, पीएम यशस्वी योजना के 400 पुरस्कार विजेता, वन और वन्यजीव संरक्षण कार्यकर्ता, 200 कारीगर और 500 विशेष उपलब्धियां हासिल करने वाले लोग भी थे।
100 पेटेंट धारक भी थे मौजूद
इसके अलावा, 100 पेटेंट धारक, 100 स्टार्ट-अप, 300 सड़क निर्माण श्रमिक और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी इस अवसर पर मौजूद थे। पहली बार, पीएम सूर्य घर योजना और पीएम कुसुम योजना के तहत अक्षय ऊर्जा का उपयोग करने वाले किसानों और परिवारों को भी आमंत्रित किया गया था। गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने के बाद, इन विशेष अतिथियों ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, पीएम संग्रहालय और दिल्ली के अन्य प्रमुख स्थलों का दौरा भी किया।
विज्ञापन
बता दें कि गणतंत्र दिवस समारोह के जरिए केंद्र सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय आयोजनों में जनभागीदारी बढ़ाना था। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए सरकार द्वारा विशेष अतिथियों को विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित किया गया था। इनमें वे लोग भी थे जिन्होंने सरकारी योजनाओं का बेहतरीन तरीके से लाभ उठाया।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा गांव के सरपंच थे आमंत्रित
गणतंत्र दिवस समारोह के परेड में गांवों के सरपंचों को खासतौर पर आमंत्रित किया गया, जिन्होंने सरकारी पहलों में अच्छे परिणाम दिए थे। जिन सरपंचों के गांवों ने छह प्रमुख योजनाओं में लक्ष्य हासिल किए, उन्हें विशेष अतिथि के रूप में चुना गया और 500 से ज्यादा सरपंचों को इस परेड में आमंत्रित किया गया।
विज्ञापन
साथ ही इस आयोजन में करीब 300 आपदा राहत कार्यकर्ता, 300 अतिथि, 400 जल योद्धा, 200 पीएसी समितियों के प्रतिनिधि, 400 पानी समितियों के सदस्य, 400 कृषि और उद्योग सखियों के अलावा 200 स्वयं सहायता समूह के सदस्य भी शामिल थे। अन्य अतिथियों में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के तहत प्रशिक्षण लेने वाले 200 प्रशिक्षु, पीएम यशस्वी योजना के 400 पुरस्कार विजेता, वन और वन्यजीव संरक्षण कार्यकर्ता, 200 कारीगर और 500 विशेष उपलब्धियां हासिल करने वाले लोग भी थे।
100 पेटेंट धारक भी थे मौजूद
इसके अलावा, 100 पेटेंट धारक, 100 स्टार्ट-अप, 300 सड़क निर्माण श्रमिक और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी इस अवसर पर मौजूद थे। पहली बार, पीएम सूर्य घर योजना और पीएम कुसुम योजना के तहत अक्षय ऊर्जा का उपयोग करने वाले किसानों और परिवारों को भी आमंत्रित किया गया था। गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने के बाद, इन विशेष अतिथियों ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, पीएम संग्रहालय और दिल्ली के अन्य प्रमुख स्थलों का दौरा भी किया।