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PM मोदी की अपील पर एक करोड़ गर्भवती महिलाओं ने कराया इलाज
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Updated Sat, 20 Jan 2018 01:02 AM IST
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गर्भवती महिलाओं और नौनिहालों का जीवन बचाने के लिए पहली बार साढ़े पांच लाख से ज्यादा गर्भवती महिताओं की हाई रिस्क जोन में पहचान हुई है। किसी में हीमोग्लोबिन की ज्यादा कमी है तो किसी को प्रसूति योग्य नहीं बताया है। जिसके बाद इन महिलाओं का समय रहते निशुल्क उपचार शुरू किया है। ये एक तरह की स्क्रीनिंग है, ताकि प्रसूति के दौरान होने वाली महिलाओं की मौतों को रोका जा सके। पिछले एक वर्ष में पूरे देश से एक करोड़ 93 हजार 884 गर्भवती महिलाओं ने नजदीकी सेंटर पर जाकर हर महीने चिकित्सीय सलाह ली है। साथ ही समय रहते टीकाकरण भी कराया है।
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अमर उजाला को मिली एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में महाराष्ट्र नंबर वन पर है, जहां 13 लाख 92 हजार 376 महिलाओं को निशुल्क उपचार मिला है। बता दें कि साल 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षित मातृत्व अभियान का जिक्र करते हुए देश भर के सरकारी और निजी डॉक्टरों से महीने की हर 9 तारीख को निशुल्क गर्भवती महिलाओं का उपचार करने की अपील की थी। जिसके बाद केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरुआत भी की। इसी के तहत वर्ष 2017 में एक करोड़ से ज्यादा गर्भवती महिलाओं ने स्वास्थ्य लाभ लिया, जोकि अब तक का रिकॉर्ड है।
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राजस्थान की महिलाएं सबसे ज्यादा कमजोर
रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान की गर्भवती महिलाएं सबसे ज्यादा कमजोर मिली हैं। हाई रिस्क जोन में सर्वाधिक राजस्थान की 81, 124 और मध्य प्रदेश की 61, 339 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। जबकि इसके बाद उत्तर प्रदेश का नंबर है, जहां 59 हजार 750 महिलाओं को प्रसूति के लिए असुरक्षित पाया है। इसमें हरियाणा (16217), पंजाब (10643), हिमाचल प्रदेश (2309), उत्तराखंड (3029), दिल्ली (1934) और जम्मू कश्मीर (4504) शामिल है।
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सबसे ज्यादा हरियाणा से आगे आए डॉक्टर
मंत्रालय के मुताबिक, पीएम मोदी की अपील के बाद सबसे ज्यादा हरियाणा से प्राइवेट डॉक्टरों ने इस मुहिम से जुड़कर गर्भवती महिलाओं की हर माह की 9 तारिख को निशुल्क जांच की है। जबकि देश भर में 4760 निजी डॉक्टर अब तक इस अभियान से जुड़ चुके हैं।
ऑनलाइन लें जानकारी, करें शिकायत
गर्भवती महिलाओं को सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए ऑनलाइन जानकारी ली जा सकती है। आपके नजदीकी जांच सेंटर कौन सा है? कौन-कौन से टीके कब लगवाने हैं? इसकी पूरी जानकारी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की वेबसाइट पर उपलब्ध है, यहां चिकित्सीय संबंधी शिकायत भी कर सकते हैं। जिन्हें 15 दिन के भीतर अमल में लाने का दावा है।
मंत्रालय के मुताबिक, पीएम मोदी की अपील के बाद सबसे ज्यादा हरियाणा से प्राइवेट डॉक्टरों ने इस मुहिम से जुड़कर गर्भवती महिलाओं की हर माह की 9 तारिख को निशुल्क जांच की है। जबकि देश भर में 4760 निजी डॉक्टर अब तक इस अभियान से जुड़ चुके हैं।
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