संसद में भी गूंजेगा पत्रकार अर्णब गोस्वामी की व्हाट्सएप चैट का मुद्दा, विपक्ष मांगेगा जवाब
- मनीष तिवारी ने कहा कि संसदीय दल की बैठक में तय होंगे मुद्दे
- राज्यसभा सदस्य ने कहा कि महत्वपूर्ण विषय है, उठना चाहिए
- मंगलवार को राहुल गांधी ने और बुधवार को वरिष्ठ नेताओं की फौज ने दागे सरकार पर सवाल
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रिपब्लिक भारत के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी के व्हाट्सअप चैट को लेकर कांग्रेस पार्टी के तेवर काफी तल्ख हैं। मंगलवार को पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने चैट से बाहर आई जानकारी को राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ और अपराधिक कृत्य तक करार दे दिया था। बुधवार को कांग्रेस ने इस मुद्दे पर कई पूर्व मंत्रियों की पूरी फौज उतार दी।
पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी, पूर्व विदेश तथा कानून मंत्री सलमान खुर्शीद, पूर्व गृह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम, पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तथा वर्तमान में राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद समेत सभी नेताओं ने केंद्र सरकार को पद एवं गोपनीयता को लेकर आईना दिखाया। इस प्रवृत्ति को देश की एकता एवं अखंडता के लिए घातक बताया। अब खबर है कि कांग्रेस के नेता इस मामले को संसद के आगामी सत्र में भी उठाने वाले हैं।
पूर्व केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने अमर उजाला से कहा कि व्हाट्सएप चैट में जो सामने आ रहा है, उसे अच्छा तो नहीं कहा जा सकता। रहा सवाल इस मामले को संसद में उठाने का तो सत्र आरंभ होने से पहले पार्लियामेंट्री पार्टी मीटिंग होगी। उसमें संसद में क्रमवार उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा होगी।
राज्यसभा में विपक्ष के एक नेता ने कहा कि व्हाट्सएप चैट से जो सामने आया है, दुर्भाग्यपूर्ण है। केन्द्र सरकार के साथ अर्णब गोस्वामी का यह रिश्ता कई सवाल खड़ा कर रहा है। इसलिए वह इसे उठाने की पूरी कोशिश करेंगे। सूत्र का कहना है कि वह इस बारे में वरिष्ठ नेताओं से भी बात करेंगे और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र भी लिखेंगे।
बर्खास्त किए जाएं मंत्री और अधिकारी
कांग्रेस पार्टी ने व्हाट्सअप चैट मामले की गंभीरता से जांच कराने और कार्रवाई की मांग की है। गुलाम नबी आजाद, एके एंटनी, पी चिदंबरम, सुशील कुमार शिंदे, सलमान खुर्शीद समेत सभी ने इसे ओएसओ (ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट) और पद एवं गोपनीयता कानून का सरासर उल्लंघन बताया।
पूर्व केंद्रीय मंत्रियों ने मांग की है कि इस मामले की जांच की जानी चाहिए और राष्ट्र की एकता, अखंड़ता से जुड़ी हुई सूचनाओं को लीक करने वाले मंत्री, अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए उन्हें पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए। पूर्व केन्द्रीय मंत्रियों ने कहा कि व्हाट्सएप के माध्यम से सामने आई जानकारी ने केन्द्र की मोदी सरकार का असली चेहरा उजागर कर दिया है।