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ऐतिहासिक फैसला: सेना के चयन बोर्ड ने पांच महिला अफसरों को कर्नल रैंक पर पदोन्नत करने को मंजूरी दी
Tue, 24 Aug 2021 04:08 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 24 Aug 2021 04:08 AM IST
सार
- रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह पहली बार है कि सिग्नल कोर, इलेक्ट्रॉनिक एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई) कोर और इंजीनियर्स कोर में सेवारत महिला अधिकारियों को कर्नल रैंक पर पदोन्नत करने को मंजूरी दी गई है
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भारतीय सेना में महिलाएं (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सेना के चयन बोर्ड ने पांच महिला अफसरों को कर्नल रैंक पर पदोन्नत करने को मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि सेना के चयन बोर्ड ने 26 साल की सेवा पूरी करने के बाद पांच महिला अधिकारियों की पदोन्नति का रास्ता साफ कर दिया है।
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मंत्रालय ने कहा कि यह पहली बार है कि सिग्नल कोर, इलेक्ट्रॉनिक एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई) कोर और इंजीनियर्स कोर में सेवारत महिला अधिकारियों को कर्नल रैंक पर पदोन्नत करने को मंजूरी दी गई है।
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पहले, कर्नल रैंक पर पदोन्नति केवल सेना चिकित्सा कोर (एएमसी), जज एडवोकेट जनरल (जेएजी) और सेना शिक्षा कोर (एईसी) में महिला अधिकारियों के लिए लागू थी। ‘कर्नल टाइम स्केल’ रैंक के लिए चुनी गई पांच महिला अधिकारियों में सिग्नल कोर से लेफ्टिनेंट कर्नल संगीता सरदाना, ईएमई कोर से लेफ्टिनेंट कर्नल सोनिया आनंद और लेफ्टिनेंट कर्नल नवनीत दुग्गल, और इंजीनियर्स कोर से लेफ्टिनेंट कर्नल रीनू खन्ना और लेफ्टिनेंट कर्नल रिचा सागर शामिल हैं।
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सरकार का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के करीब हफ्ते भर बाद आया है जिसमें महिला अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने की हरी झंडी दी गई है। इस परीक्षा में सिर्फ पुरुष छात्रों को बैठने की इजाजत थी। यह कदम सेना में महिलाओं के स्थायी कमीशन की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है।