फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   army says No goodwill, Pakistan is returning to pilot under pressure of Geneva agreement

सद्भावना नहीं, जिनेवा समझौते के दबाव में पायलट को लौटा रहा पाक : सेना

Fri, 01 Mar 2019 02:00 AM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Avdhesh Kumar Updated Fri, 01 Mar 2019 02:00 AM IST
विज्ञापन
army says No goodwill, Pakistan is returning to pilot under pressure of Geneva agreement
indian army
सेना के तीनों अंगों ने बीस साल बाद बृहस्पतिवार को साझा प्रेस कांफ्रेंस करते हुए पाकिस्तान के उन दावों की बखिया उधेड़ी, जो उसके लड़ाकू विमानों के बुधवार को भारतीय सीमा का उल्लंघन करने के बाद वहां की सरकार ने किए थे। पाकिस्तानी विमानों को भगाने के दौरान सीमा पार अपना मिग-21 बिसोन विमान क्रैश होने से पकड़े गए पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की वापसी की खबरों पर भी सेना ने खुशी जताई। हालांकि वायुसेना ने इसे पाकिस्तान की तरफ से ‘सद्भावना संकेत’ वाली कार्रवाई बताने पर ऐतराज जताते हुए कहा कि यह पूरी तरह जिनेवा समझौते के दबाव का असर है।
विज्ञापन


पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने बृहस्पतिवार को अपनी संसद में विंग कमांडर अभिनंदन को दोनों देशों के बीच ‘सद्भावना संकेत’ के तौर पर शुक्रवार को रिहा करने की घोषणा की थी, लेकिन जब वायुसेना के वाइस मार्शल आरजीएम कपूर से इसे सद्भावना संकेत मानने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, हम खुश हैं कि अभिनंदन शुक्रवार को छोड़ दिए जाएंगे। हम उनकी वापसी की राह देख रहे हैं। लेकिन हम इसे जिनेवा समझौते के पालन में उठाया गया कदम मानेंगे। वाइस मार्शल ने यह बात थल, वायु और नौ सेना की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कही। 
विज्ञापन


इस कांफ्रेंस में पाकिस्तान को साफतौर पर कहा गया कि देश उसके किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। अब यह पाकिस्तान पर निर्भर करता है कि वह तनाव कम करे। प्रेस कांफ्रेंस में सेना ने 27 फरवरी को पाकिस्तानी वायुसेना की तरफ से जम्मू-कश्मीर के सुंदरबनी क्षेत्र में हवाई सीमा का उल्लंघन किए जाने की आधिकारिक पुष्टि की। साथ ही पाकिस्तान के इस दावे को भी झूठा साबित कर दिया कि इस हमले में एफ-16 विमानों का इस्तेमाल नहीं किया गया था और न ही भारतीय ठिकानों को निशाना बनाया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल पाकिस्तान ने यह कहा था कि उसने सैन्य ठिकानों के करीब खुली जगह पर मिसाइल दागकर यह जताना चाहा था कि वह जवाबी कार्रवाई कर सकता है। साथ ही उसने एफ-16 विमान मार गिराने के भारतीय दावों को भी यह कहकर झुठलाने की कोशिश की थी कि उसने इस कार्रवाई में एफ-16 विमानों का इस्तेमाल ही नहीं किया। लेकिन भारतीय वायुसेना के वाइस मार्शल आरजीएम कपूर ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान ने जम्मू के ब्रिगेड और बटालियन मुख्यालय को निशाना बनाने की कोशिश की थी। साथ ही प्रेस कांफ्रेंस में राजौरी के पूर्वी इलाके में मिले ‘एमराम’ मिसाइल के टुकड़े दिखाते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल सिर्फ एफ-16 में ही किया जा सकता है। 

वाइस मार्शल ने एफ-16 के अलावा पाकिस्तानी हमलावर टुकड़ी में जेएफ-17 और मिराज विमानों के भी शामिल होने की बात कही। साथ ही कहा कि विमान के इलेक्ट्रानिक सिग्नेचर से भी साबित होता है कि उस हमले में एफ-16 का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने इस हमले में पाकिस्तान के झूठ गिनाते हुए कहा कि उसने पहले भारतीय वायुसेना के दो विमान मार गिराने और तीन पायलट कब्जे में होने का दावा किया। फिर यह दावा दो विमान और दो पायलट का हो गया। लेकिन शाम को सिर्फ एक पायलट अपने पास होने की पुष्टि की। 

बालाकोट स्ट्राइक के सबूत सार्वजनिक करने पर राजनीतिक नेतृत्व ले निर्णय

जब वाइस मार्शल से उन सवालों के बारे में पूछा गया, जिनमें भारतीय वायुसेना के पाकिस्तान के बालाकोट में सही निशाने पर बम गिराने को लेकर संदेह जताया गया है, तो उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनवा क्षेत्र में जैश के ठिकाने को वायुसेना ने सफाई से ध्वस्त किया। इसकी विश्वसनीय सूचना और सबूत भी हैं। हालांकि अभी यह वहां हुए नुकसान और मौतों का आकलन लगाना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा, यह राजनीतिक नेतृत्व को निर्णय लेना है कि बालाकोट स्ट्राइक की सफलता के सबूत कैसे जारी किए जाने हैं।

दो दिन में 35 बार सीजफायर उल्लंघन: थल सेना

थल सेना के मेजर जनरल सुरेन्द्र सिंह महल ने कहा कि 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना की स्ट्राइक के बाद नियंत्रण रेखा पर सुंदरबनी, नौशेरा और कृष्णा घाटी इलाके में पाकिस्तान की ओर से लगातार फायरिंग हो रही है। सेना उसका माकूल जवाब भी  दे रही है। हालात से बौखलाई पाकिस्तानी सेना ने पिछले दो दिन में 35 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। मेजर जनरल महल के मुताबिक, भारतीय सेना हर लिहाज से पूरी तरह तैयार है। सेना की लड़ाई पाक समर्थित आतंकवाद से है। भारतीय सेना हर उस एजेंसी को तबाह करेगी, जो आतंकवाद का किसी भी तरीके से समर्थन करता है।

नेवी है हर जगह जवाब देने को तैयार

नौसेना के रियर एडमिरल दलबीर सिंह गुजराल ने नौसेना की तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि देश की जनता को अपनी सुरक्षा केप्रति निश्चिंत करना चाहिए। नौसेना जल से भीतर, सतह पर और वायु में सुरक्षा के लिए चाक चौबंद है। उन्होंने देश को भरोसा दिलाया कि पाकिस्तान के किसी भी दुस्साहस का कड़ा और त्वरित जवाब दिया जाएगा। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed