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सेना सुरक्षित: 98 फीसदी रक्षा कर्मियों को लगी कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक
Mon, 26 Jul 2021 10:56 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 26 Jul 2021 10:56 PM IST
सार
भारतीय सेना के 98 फीसदी कर्मियों का कोरोना महामारी से बचाव की वैक्सीन लग चुकी है। शेष दो फीसदी को भी पहली खुराक लग चुकी है।
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कोरोना वैक्सीन
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
भारतीय सेना के 98 फीसदी कर्मियों का कोरोना महामारी से बचाव की वैक्सीन लग चुकी है। इनमें सीमाओं पर तैनात जवान भी शामिल हैं। शेष दो फीसदी को भी पहली खुराक लग चुकी है।
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सोमवार को सरकार ने बताया कि भारतीय सेना में सेवारत सभी रक्षा कर्मियों में से 98 फीसदी को कोरोना रोधी वैक्सीन की दोनों खुराक लग चुकी है। शेष बचे दो फीसदी रक्षा कर्मियों को भी पहली खुराक लगाई जा चुकी है।
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रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी कार्यरत रक्षा कर्मियों, जिनमें सीमाओं पर तैनात जवान व सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कर्मी शामिल हैं, को 16 जनवरी से टीका लगाने का काम शुरू हुआ था। मंत्री भट्ट ने बताया कि अब तक शतप्रतिशत रक्षा कर्मियों को पहली खुराक लग चुकी है। इनमें से 98 प्रतिशत को तो दूसरी खुराक भी लग गई है।
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एक अन्य सवाल के जवाब में भट्ट ने कहा कि सरकार देश की सुरक्षा जरूरतों को खयाल रख रही है। इसकी समय समय पर समीक्षा भी होती है। देश की संप्रभुता, अखंडता व सुरक्षा के लिए बुनियादी ढांचे जैसे सड़कों का निर्माण व सुरंगों का निर्माण, सामरिक दृष्टि से रेलवे लाइनों का विकास जैसे काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सेना की जरूरतों के मुताबिक बीआरओ सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण करता है। इनमें से भारत चीन सीमा पर सड़कों का निर्माण महत्वपूर्ण है। इन 4203 किलोमीटर लंबी सड़कों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और इसके लिए फंड की भी खास व्यवस्था की गई है।
रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने बताया कि सीमावर्ती व दूरस्थ क्षेत्रों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए विभिन्न दर्रों में सुरंगों का भी निर्माण किया जा रहा है। वर्तमान में ऐसी चार सुरंगों का निर्माण चल रहा है।