आर्मी चीफ बोले- असम में बीजेपी से तेज बढ़ रही है AIUDF, ओवैसी ने जताई आपत्ति
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इस मौके पर आर्मी चीफ ने एक राजनीतिक संगठन का जिक्र कर दिया जिस पर विवाद गरमा गया। पड़ोसी देशों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जिस तरह कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए आतंकवादी भेजे जाते हैं। उसी तरह नार्थ ईस्ट में अशांति फैलाने के लिए अवैध आबादी को भारत में भेजा जाता है। इसके पीछे सेना प्रमुख ने वोट बैंक की राजनीति को दोषी बताया। उन्होंने कहा कि नार्थ ईस्ट में AIUDF नाम का राजनीतिक संगठन विकास कर रहा है। इस पार्टी का विकास बीजेपी के मुकाबले तेज हुआ है। उन्होंने कहा कि जनसंघ का आज तक का जो सफर रहा है उसके मुकाबले एआईयूडीएफ का विकास तेजी से हुआ है। गौर हो कि एआईयूडीएफ (ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) नाम का संगठन मुस्लिमों की आवाज उठाता है।
AIUDF (All India United Democratic Front) have grown in a faster time-frame than the BJP grew over the years. When we talk of Jan Sangh with two MPs & where they have reached, AIUDF is moving at a faster pace in the state of Assam: Army Chief General Bipin Rawat (21.02.18) pic.twitter.com/XUIlBDhef6
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) 22 February 2018
आर्मी चीफ के बयान में किसी संगठन का नाम सामने आने पर विवाद बढ़ गया। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेदादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बिपिन रावत के इस बयान पर आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने कहा है कि आर्मी चीफ को राजनीतिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। उनका काम किसी राजनीतिक पार्टी के उदय पर कमेंट करना नहीं है, लोकतंत्र और संविधान इसकी इजाजत देता है। ओवैसी ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि सेना हमेशा जनता द्वारा चुनी गई सरकार के अंतर्गत काम करती है।
What,the Army Chief should not interfere in political matters it is not his work to comment on the rise of a political party ,Democracy & Constitution allows it and Army will always work under an Elected Civilian leadership https://t.co/PacWqqYXz1
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) 22 February 2018
आर्मी चीफ ने कहा, 'हमें पूर्वोत्तर में विकास की जरूरतों को पूरा करने के साथ लोगों को जोड़ना होगा। सरकार विकास का ध्यान रख रही है।', इसी क्रम में रावत ने अपने कई अनुभवों को भी साझा किया।
दोकलम मुद्दे पर रावत ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। सिलिगुड़ी कॉरिडोर का जिक्र करते हुए आर्मी चीफ ने कहा कि इस पर खतरे का ख्याल रखा जा सकता है, लेकिन हमें उत्तर पूर्व की समस्याओं को समग्रता में देखना होगा। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि चीन की नजर सिलिगुड़ी कॉरिडोर पर है, जिससे वह नॉर्थ ईस्ट के कई इलाकों को हासिल करने का सपना देख रहा है।