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थल सेना प्रमुख जनरल नरवणे को सऊदी सेना ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर, द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पर हुई वार्ता
Mon, 14 Dec 2020 02:12 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, रियाद
एजेंसी, रियाद
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 14 Dec 2020 02:12 AM IST
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थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे
- फोटो : ANI
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दो खाड़ी देशों की यात्रा के दूसरे चरण में रविवार को सऊदी अरब पहुंचे सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे को शाही सऊदी सेना के मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर जनरल नरवणे और सऊदी सेना के कमांडर जनरल फहद बिन अब्दुल्ला मोहम्मद अल-मुतीर के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पर बातचीत हुई।
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उन्होंने इस दौरान शीर्ष सैन्य अधिकारियों से भी बात की। जनरल नरवणे सैन्य संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के लिए जमीन तैयार करने की खातिर खाड़ी देश की दो दिवसीय ऐतिहासिक यात्रा पर हैं। जनरल नरवणे भारतीय सेना के पहले प्रमुख हैं, जिन्होंने रणनीतिक दृष्टि से अहम इन दो खाड़ी देशों का दौरा किया है।
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रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे
भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशक जनसंपर्क ने ट्वीट कर बताया कि जनरल नरवणे और जनरल फहद के बीच रक्षा सहयोग के मुद्दों पर चर्चा हुई। इससे पहले यात्रा के पहले चरण में जनरल नरवणे ने संयुक्त अरब अमीरात में सैन्य प्रमुख मेजर जनरल सालेह मोहम्मद सालेह अल अमेरी से भारत और यूएई के रक्षा सहयोग और आपसी हित के मुद्दों पर बातचीत की थी। सेनाध्यक्ष के दौरे को भारत के दोनों देशों के साथ रक्षा संबंधों में मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इससे रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।
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गौरतलब है कि सऊदी अरब दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश है और खाड़ी क्षेत्र में वह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण देश है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच समग्र सामरिक संबंधों में घनिष्टता आई है। दोनों देशों के बढ़ते संबंधों के तहत सऊदी अरब ने पिछले साल भारत में पेट्रोकेमिकल, बुनियादी ढांचे और खनन सहित विभिन्न क्षेत्रों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की योजना की घोषणा की थी।
एक अन्य महत्वपूर्ण कदम में, पिछले साल दोनों देशों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपने सहयोग को बढ़ाने के लिए रणनीतिक साझेदारी परिषद की स्थापना करने का फैसला किया था। थल सेनाध्यक्ष का सऊदी अरब के राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय जाने और संस्थान में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करने का भी कार्यक्रम है।
सऊदी अरब ऊर्जा का भी एक प्रमुख स्रोत है और भारत कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग 18 प्रतिशत वहीं से आयात करता है। सरकार द्वारा संचालित सऊदी प्रेस एजेंसी ने बताया कि सऊदी सेना के जनरल फय्याद बिन हामिद अल-रूवैली ने रविवार को अपने कार्यालय में जनरल नरवणे की अगवानी की। जनरल नरवणे ने सऊदी अरब के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की और अपनी ऐतिहासिक यात्रा के दौरान साझा हितों और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
इससे पहले जनरल नरवणे ने संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया, जहां उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के कमांडर मेजर जनरल सालेह मोहम्मद सालेह अल अमेरी के साथ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और आपसी हितों के मुद्दों पर विचार विमर्श किया।