{"_id":"6414966960ae2a333c0c5fe3","slug":"army-chief-gen-manoj-pande-says-situation-along-lac-stable-but-we-need-to-keep-very-close-watch-2023-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"LAC: एलएसी पर हालात स्थिर लेकिन हमें कड़ी नजर रखने की जरूरत, सेना प्रमुख का बड़ा बयान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
LAC: एलएसी पर हालात स्थिर लेकिन हमें कड़ी नजर रखने की जरूरत, सेना प्रमुख का बड़ा बयान
Fri, 17 Mar 2023 10:03 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 17 Mar 2023 10:03 PM IST
सार
सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि दोनों पक्ष पूर्वी लद्दाख में शेष मुद्दों को हल करने के लिए बातचीत में लगे हुए हैं। साथ ही कहा कि जब तक कोई समाधान नहीं होता है, तब तक हमारे बलों की तैनाती, हमारी सतर्कता का स्तर बहुत उच्च स्तर पर बना रहेगा।
विज्ञापन
सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे
- फोटो : एएनआई
विस्तार
सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने पूर्वी लद्दाख में करीब तीन साल से चल रहे सीमा विवाद के बीच शुक्रवार को कहा कि चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति स्थिर है लेकिन इस पर करीबी नजर रखने की जरूरत है। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि भारतीय सेना के पास किसी भी अचानक आई सीमा पर समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त रिजर्व होने के अलावा एलएसी पर सैनिकों की एक मजबूत तैनाती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर, मैं कहूंगा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति स्थिर है, लेकिन हमें स्थिति पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है। आगे कहा कि जहां तक विरोधी द्वारा बलों की तैनाती का संबंध है, तैनाती में कोई महत्वपूर्ण कमी नहीं हुई है। बलों के आधुनिकीकरण पर विशेष रूप से एलएसी के विपरीत तैनात बलों पर बहुत ध्यान दिया जा रहा है।
विज्ञापन
मनोज पांडे ने कहा कि दोनों पक्ष पूर्वी लद्दाख में शेष मुद्दों को हल करने के लिए बातचीत में लगे हुए हैं। साथ ही कहा कि जब तक कोई समाधान नहीं होता है, तब तक हमारे बलों की तैनाती, हमारी सतर्कता का स्तर बहुत उच्च स्तर पर बना रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ बुनियादी ढांचे का विकास बहुत तेज गति से हो रहा है, चाहे वह राजमार्गों के संदर्भ में सड़क का बुनियादी ढांचा हो या हवाईअड्डों का निर्माण।
विज्ञापन
जनरल पांडे ने कहा कि ये कुछ प्रमुख घटनाक्रम हैं, जिन पर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि दुश्मन की सैनिकों को जुटाने की क्षमता अधिक है। उन्होंने कहा कि जहां तक हम कर रहे हैं, मुझे लगता है कि एलएसी और तीनों क्षेत्रों में हमारी मजबूत तैनाती है। मुझे यह उल्लेख करना चाहिए कि हमारे पास किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त भंडार है।
उन्होंने कहा कि नई तकनीक और नई हथियार प्रणालियों के समावेश के साथ, हमारी क्षमता विकास एक सतत प्रयास है। समान रूप से हम बुनियादी ढांचे के विकास, विशेष रूप से अग्रिम क्षेत्र की सड़कों और हेलीपैड आदि पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह भारतीय सेना की तैयारी का स्तर उच्च है। आगे कहा कि सर्दियों के महीनों से, अब हम गर्मियों के महीनों में प्रवेश कर रहे हैं और हमने कुछ मामूली बदलाव किए हैं।
अग्निपथ भर्ती योजना पर सेना प्रमुख ने कहा कि यह न केवल सेना के लिए बल्कि समाज और देश के लिए भी जीत की नीति है। अग्निपथ को एक परिवर्तनकारी सुधार बताते हुए, जनरल पांडे ने स्वीकार किया कि सही कार्यान्वयन महत्वपूर्ण है। रंगरूटों को कम समय में प्रशिक्षण देने जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं। जनरल पांडे ने कहा कि मुझे रेजिमेंटल क्षेत्रों से जो शुरुआती प्रतिक्रिया मिली है, उसमें जो युवा आए हैं, वे बहुत उत्साही और ऊर्जावान हैं। इसलिए मुझे लगता है कि यह एक बहुत अच्छा संकेत है।