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आर्मी चीफ रावत बोले- डर्टी वॉर का देंगे जवाब, जवानों को मरने के लिए नहीं कह सकता

Mon, 29 May 2017 10:20 AM IST
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट Updated Mon, 29 May 2017 10:20 AM IST
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Army chief Bipin Rawat on human shield row says he cannot tell his troops to 'just wait and die 
फाइल फोटो

सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने घाटी में मानव ढाल की रणनीति का बचाव किया है और कहा है कि कश्मीर में शुरू हुए डर्टी वॉर से नए तरीकों से निपटना होगा। जब लोग सेना पर पत्थर और पेट्रोल बम फेंक रहे हों तो हम अपने लोगों को चुपचाप इसे देखते रहने और मरने के लिए नहीं कह सकते।

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 जनरल रावत ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा कि कोर्ट ऑफ इनक्वायरी में कश्मीरी युवक को जीप पर बांधे जाने की घटना की जांच के बीच ही मेजर लितुल गोगोई को सम्मानित करने का मकसद युवा अफसरों का हौसला बढ़ाना था। ये नौजवान आतंकवाद से पीड़ित कश्मीर के बेहद मुश्किल माहौल में काम कर रहे हैं। मेजर लितुल गोगोई ने ही पत्थरबाजों को काबू करने के लिए कश्मीरी युवक को जीप में बांध कर मानव ढाल बनाया था। मेजर गोगोई को सम्मानित करने के सेना के कदम की काफी आलोचना हुई थी।
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जनरल रावत ने घाटी के हालात को प्रॉक्सी वार (छद्म युद्ध) करार दिया और कहा कि प्रॉक्सी वॉर डर्टी वॉर होती है। यह गंदे तरीके से ही छेड़ा जाता है। डर्टी वॉर से नए तरीके से जूझना पड़ता है। ऐसी लड़ाइयों से निपटने के लिए नए तरीके इस्ेतमाल करने पड़ते हैं। जब लोग हम पर पत्थर और पेट्रोल बम फेंक रहे हों तो हम अफसरों को यह नहीं कह सकते हैं हम आपके लिए अच्छा ताबूत लाएंगे और तिरंगे में लपेट कर आपके शव को सम्मान के साथ घर भेजेंगे। 
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अच्छा होता, प्रदर्शनकारी गोली चलाते
जनरल रावत ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी पत्थरबाजी करने के बजाय गोली चलाते तो उनके लिए हालात ज्यादा आसान होते। उस स्थिति में मुझे जो करना होता करता।

लोगों में सेना का डर होना चाहिए 
जनरल रावत का कहना है कि दुश्मन के साथ देश के लोगों भी सेना का डर होना चाहिए। जिस देश में सेना को डर खत्म हो जाएगा वह खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा, देश के लोगों के प्रति सेना का व्यवहार दोस्ताना है लेकिन अगर हमें कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए बुलाया जाता तो लोगों में सेना का डर पैदा करना होगा।

 

मुझे पता था, कोर्ट ऑफ इनक्वायरी में क्या हो रहा है

Army chief Bipin Rawat on human shield row says he cannot tell his troops to 'just wait and die 
Bipin Rawat - फोटो : AmarUjala
मेजर गोगोई को कोर्ट ऑफ इनक्वायरी की जांच पूरी होने से पहले सम्मानित किए के बारे में पूछने पर जनरल रावत ने कहा कि कोर्ट ऑफ इनक्वायरी में क्या हो रहा है इसका हमें मोटा अनुमान था। इसलिए हमने फैसले से पहले मेजर गोगोई को सम्मानित किया। आखिर हम उन्हें किस चीज के लिए दंडित करते।

क़ठोर कदम उठाना ही रास्ता 
सेना प्रमुख ने कश्मीर में घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की सिफारिश की। उन्होंने कहा कि जब आतंकी छुट्टी पर घर आए लेफ्टिनेंट उमर फयाज जैसे नौजवान अफसर को मार देते हैं तो हंगामा क्यों नहीं मचता। 

पाक से सीमित युद्ध नहीं 
सेना प्रमुख ने कहा कि वह पाकिस्तान से सीमित युद्ध की संभावना नहीं देखते। उसके साथ सीमित युद्ध नहीं हो सकता।
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