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भगवंत मान की अपील, किसानों को बुवाई सीजन में मिले 24 घंटे बिजली, डीजल की महंगाई से किसानों को बचाना जरूरी
Tue, 29 Jun 2021 04:05 AM IST
Kuldeep Singh
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 29 Jun 2021 04:05 AM IST
सार
- भगवंत मान ने कैप्टन सरकार पर करोडो रुपए के बिजली घोटाले का आरोप लगाया, बिजली कंपनियों से किए गए समझौते रद्द करने की मांग की।
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आप सांसद भगवंत मान
विस्तार
आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष भगवंत मान ने बुवाई के सीजन में 24 घंटे बिजली सप्लाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक तरफ डीजल की कीमतें आसमान पर हैं, और इसी बुवाई के सीजन में किसानों को बिजली नहीं दी जा रही जिससे उन्हें महंगा डीजल खरीद कर बुवाई के कामकाज करने पड़ रहे हैं।
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इससे किसानों पर महंगाई की अतिरिक्त मार पड़ रही है। आज उन्हें केवल 8 घंटे भी बिजली की आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को इस मार से बचाने के लिए 24 घंटे बिजली सप्लाई होनी चाहिए जिससे उन्हें महंगा डीजल खरीद कर बुवाई न करनी पड़े।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कैप्टन सरकार पर करोड़ों रुपए के बिजली घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि पंजाब सरकार ने किसानों को महंगी कीमत पर बिजली दी है और इसके लिए पंजाब के लोगों के हितों के साथ समझौता किया गया है। प्राइवेट कंपनियों से महंगे सौदे कर पहले तो कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और इसके बाद उनसे लाभ लिया गया। इससे पंजाब के आम लोगों के हितों पर आंच आई है और पंजाब के लोगों के हित में सरकार को ये समझौते रद्द कर देने चाहिए।
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भगवंत मान ने मंगलवार को कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के दौरान बिजली खरीद समझौते (पीपीए) के तहत तलवंडी साबो, राजपुरा और श्री गोइंदवाल साहिब में तीन निजी थर्मल प्लांट स्थापित किए गए थे जिन्हें 20,000 करोड़ रुपए का भुगतान फिक्स चार्ज के रूप में किया गया था।
मान ने आरोप लगाया कि इस पूरी धनराशि में से 5700 करोड़ रुपए की राशि बिना बिजली की खरीद के जारी कर दी गई। उन्होंने कैप्टन सरकार से उक्त समझौते की समीक्षा करने और जल्द से जल्द रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बादल सरकार ने अपने निजी फायदे के लिए इन समझौतों पर मुहर लगाई थी जिसके परिणामस्वरूप पंजाब आज घोर आर्थिक संकट से जूझ रहा है।