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याचिका : एनआरसी के दोबारा सत्यापन की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी
Fri, 14 May 2021 02:47 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 14 May 2021 02:47 AM IST
सार
- मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा भी नागरिकों को एनआरसी का दोबारा सत्यापन कराने का भरोसा दे चुके हैं।
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supreme court
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट में बृहस्पतिवार को असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) मसौदे के व्यापक स्तर पर और समयबद्ध दोबारा सत्यापन की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है।
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यह याचिका एनआरसी प्राधिकरण ने 31 अगस्त, 2019 को प्रकाशित मसौदे में अनियमितता बरते जाने का हवाला देते हुए दी है। असम में एनआरसी के प्रदेश संयोजक हितेश देव सरमा ने भी एनआरसी मसौदे में संशोधन के अलावा असम की मतदाता सूची से अवैध मतदाताओं के नाम हटाने की मांग की है।
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याचिका में नागरिकता अनुसूची (नागरिक पंजीकरण का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करना) नियम-2003 की एक प्रासंगिक धारा के तहत पूरक सूची के लिए भी आग्रह किया गया है।
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याचिका में यह भी कहा गया है कि मसौदे में कुछ अहम मुद्दों को खारिज कर दिया गया, जिससे इसकी प्रक्रिया में विलंब हुआ। इससे पहले जुलाई, 2019 में भी केंद्र और असम सरकार ने एनआरसी मसौदे के दोबारा सत्यापन की मांग को लेकर शीर्ष अदालत में याचिका दी थी।
हालांकि, तब कोर्ट ने एक हलफनामे के आधार पर याचिका खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि 27 प्रतिशत नामों का पहले ही पुन: सत्यापन किया जा चुका है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को अपने पद की शपथ लेने के बाद नागरिकों को एनआरसी का दोबारा सत्यापन कराने का भरोसा दिया था।