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जयललिता के इलाज से जुड़ी जांच रोकने के लिए अपोलो अस्पताल ने हाईकोर्ट से किया अनुरोध
Sat, 09 Feb 2019 10:08 PM IST
आसिम खान
भाषा, चेन्नई
भाषा, चेन्नई
Published by: आसिम खान
Updated Sat, 09 Feb 2019 10:08 PM IST
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अपोलो अस्पताल ने मद्रास उच्च न्यायालय का रुख कर तमिलानाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत की जांच कर रहे आयेाग (सीआईआई) को 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री के उपचार के विभिन्न पहलुओं की जांच से रोकने का अनुरोध किया है। साथ ही, यह आरोप लगाया गया है कि आयोग उसके प्रति पूर्वाग्रह रखता है।
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दरअसल, अस्पताल चाहता है कि अदालत उस सरकारी आदेश को रद्द करे, जिसने दिवंगत नेता के इलाज को न्यायमूर्ति ए अरूमुघस्वामी जांच आयोग के विचारणीय विषयों के दायरे में लाया था। गौरतलब है कि महीने भर पहले सीओआई के वकील ने आयोग के समक्ष याचिका में यह आरोप लगाया था कि राज्य के स्वास्थ्य सचिव जे राधाकृष्णन ने अपोलो अस्पताल के साथ सांठगांठ की एवं साजिश रची और उन्हें (जयललिता) का अनुपयुक्त इलाज किया गया।
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अस्पताल ने इस आरोप का जिक्र करते हुए सीआईओ को इलाज की उपयुक्तता सहित इसके विभिन्न पहलुओं पर गौर करने से रोकने की मांग की है। जयललिता को 22 सितंबर 2016 को अस्पताल में भर्ती कराने वाली परिस्थितियों और पांच दिसंबर 2016 को उनकी मृत्यु तक उन्हें मुहैया किए गए इलाज की पड़ताल के लिए आयोग का गठन 2017 में किया गया था। इस सिलसिले में सितंबर 2017 में सरकारी आदेश जारी किए गए थे।
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