2014 से 19 तक जीडीपी की औसत वृद्धि 7.4 फीसदी रही: अनुराग ठाकुर
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केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि 2014 से 2019 के बीच देश की जीडीपी की औसत वृद्धि 7.4 फीसदी रही है। उन्होंने कहा, आईएमएफ के मुताबिक भारत की विकास दर में वृद्धि वृद्धि वैश्विक उत्पादन वृद्धि से मेल खाती है और 2020-21 में देश की जीडीपी वृद्धि के 5.8 फीसदी तक जाने का अनुमान है।
कांग्रेस सांसद अब्दुल खलीक और टीएमसी के सौगत रॉय के सवाल का जवाब देते हुए अनुराग ठाकुर ने यह टिप्पणी की। वर्ष 2019-20 के आर्थिक सर्वे में भी 2020-21 के लिए 6 से 6.5 फीसदी विकास का अनुमान लगाया गया है।
इसके अलावा 2019-20 की आरबीआई की छठी द्विमासिक मौद्रिक नीति में भी 2020-21 के लिए जीडीपी में 6 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। ठाकुर ने कहा, आईएमएफ ने जनवरी में 2019 के लिए भारती की जीडीपी वृद्धि दर को संशोधित करते हुए 4.8 फीसदी किया है। लेकिन इसका गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों पर कोई दबाव नहीं पड़ेगा क्योंकि इन कंपनियों में पूंजी की स्थिति मजबूत है।
सरकार ने बीते वर्षों में निवेश और वृद्धि में तेजी लाने के लिए कई बड़े संरचनात्मक सुधारों को लागू किया है। इनमें दिवालियापन कानून, जीएसटी, मेक इन इंडिया, एफडीआई उदारीकरण और जन आधार मोबाइल समझौते जैसे कदम शामिल हैं। हाल ही में कॉरपोरेट कर में 15 फीसदी कटौती से भी घरेलू उद्योगों को काफी मदद मिलेगी।
इसके अलावा पिछले साल दिसंबर में सरकार ने 103 लाख करोड़ रुपये की राष्ट्रीय बुनियादी सुविधा पाइपलाइन की घोषणा की है जिससे निश्चित तौर पर बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिलेगा और अर्थव्यवस्था विकास को गति मिलेगी।
वित्त आयोग को नहीं दिया जाएगा स्थायी दर्जा
अनुराग ठाकुर ने एक लिखित जवाब में बताया कि वित्त आयोग को स्थायी दर्जा देने की सरकार की कोई योजना नहीं है। ठाकुर ने कहा कि आरबीआई भी इस पर कोई विचार नहीं कर रहा है। सरकार अभी एक तय अवधि के लिए वित्त आयोग की नियुक्ति करती है।
केंद्र ने बीते वर्ष नवंबर में 15वें वित्त आयोग की अवधि में एक वर्ष के लिए 30 अक्तूबर तक का विस्तार किया है। ठाकुर ने कहा, मंत्रालय वित्त आयोग की सिफारिशों पर विभिन्न विभागों के साथ चर्चा के बाद उन्हें मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजेगा। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इन्हें दोनों सदनों में पेश किया जाएगा।