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एंटीलिया मामला : धमकी का पत्र स्कॉर्पियो में रखना भूल गया था सचिन वाजे, दोबारा जाने पर हुआ सीसीटीवी में कैद

Sat, 27 Mar 2021 11:46 AM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Sat, 27 Mar 2021 11:46 AM IST
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Antilia case : Sachin Wajhe Forgot To Put Threatening Letter in scorpio NIA ATS mukesh ambani parambir singh uddhav thackeray crime branch
सचिन वाजे - फोटो : PTI

उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर से बरामद जिलेटिन से भरी स्कॉर्पियो मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को एक बड़ा खुलासा किया है। एनआईए को सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पता चला कि 25 फरवरी को स्कॉर्पियो खड़ी करने के बाद निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे धमकी वाला पत्र कार में रखना भूल गया था। इनोवो से फरार होने के बाद उसे ध्यान आया, तो उसने फिर से मौके पर पहुंचकर स्कॉर्पियो में धमकी भरा पत्र रखा। इस दौरान वह सीसीटीवी में कैद हो गया।

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एनआईए के सूत्रों ने शनिवार को बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि सचिन वाजे स्कॉर्पियो खड़ी करने के बाद उसमें धमकी वाला पत्र रखना भूल गया था। जब वह इनोवा में बैठकर वहां से निकल गया, तब उसे याद आया है। इसके बाद वाजे दोबारा एंटीलिया के बाहर आया, जहां उसने स्कॉर्पियो में धमकी भरा पत्र रखा। इसके बाद वाजे वहां से निकल रहा था, तभी पास की एक दुकान के सीसीटीवी में कैद हो गया। उस दौरान वाजे ने सफेद रंग का ढीला कुर्ता-पजामा पहना था, जिसे पहले पीपीई किट बताया गया था।
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लिखा, नीता भाभी और मुकेश भइया ये तो सिर्फ ट्रेलर है
सचिन वाजे ने स्कॉपियो में जो पत्र रखा था, उसमें लिखा था, 'प्रिय नीता भाभी और मुकेश भैया यह तो सिर्फ ट्रेलर है। अगली बार आपके परिवार के पास उड़ान भरने के लिए पर्याप्त सामान होगा। सावधान रहें।'

एनआईए ने सीन को रीक्रिएट किया 

पिछले सप्ताह एनआईए की टीम वाजे को लेकर इसी जगह फिर से आई थी और उस सीन को रीक्रिएट भी किया था। यानी अपराध जिस तरह हुआ था, उसे दोहराया गया। इसके पीछे एनआईए का मकसद था कि मामले की जांच में कोई कमी ना रहे। इस दौरान वाजे को सफेद कुर्ता-पजामा पहनाकर एक डमी स्कॉर्पियो तक चलाया गया था।

50 हजार रुपये देकर शिंदे से लिया लॉजिस्टिक सपोर्ट 
एनआईए की जांच में पता चला कि इस मामले में लॉजिस्टिक हेल्प के लिए वाजे ने विनायक शिंदे को 50 हजार रुपये दिए थे। सूत्रों के अनुसार, शिंदे के जरिये वाजे एक ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आया, जो दक्षिण मुंबई में एक क्लब चलाता है। इस क्लब में जुआरी और सटोरियों की भीड़ जमा होती थी। यहीं उसकी मुलाकात इस मामले में गिरफ्तार बुकी नरेश गोरे से हुई थी।

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