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एंटीलिया मामला: इंस्पेक्टर सुनील माने भी मुंबई पुलिस से बर्खास्त
Wed, 02 Jun 2021 03:56 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 02 Jun 2021 03:56 AM IST
सार
- एंटीलिया मामले में अब तक चार पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
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मुंबई पुलिस मुख्यालय (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
रिलायंस समूह के मालिक मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास विस्फोटक से भरी कार मिलने के मामले में मंगलवार को मुंबई पुलिस आयुक्त हेमंत नगराले ने इंस्पेक्टर सुनील माने को बर्खास्त कर दिया। अब तक चार पुलिसकर्मियों पर गाज गिर चुकी है। इससे पहले मुख्य आरोपी सचिन वाजे, रियाजुद्दीन काजी और पुलिस कांस्टेबल विनायक शिंदे को बर्खास्त किया जा चुका है।
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मुंबई पुलिस आयुक्त हेमंत नगराले ने संविधान के अनुच्छेद 311 (2) बी में मिले विशेष अधिकार के तहत पुलिस इंस्पेक्टर सुनील माने को बर्खास्त किया है। एंटीलिया के पास जिलेटिन से लदी स्कार्पियो कार मामले का खुलासा होने के दौरान सुनील माने पुलिस की अपराधा शाखा यूनिट 8 (कांदिवली क्राइम ब्रांच) में तैनात थे। एंटिलिया विस्फोटक और कार डेकोरेटर मनसुख हिरेन की हत्या के मामले की जांच में पता चला कि सुनील माने ने इस पूरे घटनाक्रम में सहायक पुलिस इंस्पेक्टर (एपीआई) सचिन वाजे की मदद की थी।
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इसके बाद माने को सशस्त्र विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया था। लेकिन, मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को जब सुनील माने की भूमिका पर संदेह हुआ तो उसे गिरफ्तार कर लिया। एनआईए का दावा है कि सुनील माने को एंटीलिया विस्फोटक कार मामले से लेकर मनसुख हिरेन की हत्या की न केवल जानकारी थी बल्कि इस मामले में वह शामिल भी था।
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माने ने डिलीट कराया था वाजे के मोबाइल का कॉल रिकॉर्ड
आरोप है कि एंटीलिया मामले में एनआइए के शक के दायरे में आने के बाद सचिन वाजे ने अपना मोबाइल फोन सुनील माने को दे दिया था। माने ने यह फोन किसी और पुलिस इंस्पेक्टर को देकर कॉल रिकार्ड डिलीट करवाया था। इससे इन दोनों मामलों के कई महत्वपूर्ण सुबूत नष्ट हो गए। एनआईए की टीम ने 22 अप्रैल को माने को गिरफ्तार किया था। उसके बाद 24 अप्रैल को सुनील माने को निलंबित कर दिया था।