फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Anti superstition-black magic act provisions invoked against accused in Nine murders in Sangli

Maharashtra: सांगली में नौ हत्याओं के मामले में आरोपियों के खिलाफ अंधविश्वास और काला जादू की धाराएं भी जोड़ीं, जानें पूरा घटनाक्रम

Sat, 02 Jul 2022 10:32 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुम्बई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुम्बई Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sat, 02 Jul 2022 10:32 PM IST
सार

महाराष्ट्र के सांगली में नौ लोगों की सामूहिक हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी एक तांत्रिक सहित दो लोगों के खिलाफ काला जादू और अंधविश्वास विरोधी कानून की धाराएं भी जोड़ीं हैं। शनिवार को एक पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। 

विज्ञापन
Anti superstition-black magic act provisions invoked against accused in Nine murders in Sangli
महाराष्ट्र पुलिस - फोटो : फाइल

विस्तार

महाराष्ट्र के सांगली जिले में तांत्रिक अब्बास मोहम्मद अली द्वारा नौ लोगों की हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस द्वारा हाल ही में इसका खुलासा किया गया था। इससे पहले कहा जा रहा था कि इन नौ लोगों ने कर्ज के चलते आत्महत्या की थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी एक तांत्रिक सहित दो लोगों के खिलाफ काला जादू और अंधविश्वास विरोधी कानून की धाराएं जोड़ीं हैं। शनिवार को एक पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि पुलिस ने सोलापुर के निवासी आरोपी तांत्रिक अब्बास मोहम्मद अली बागवान और उसके सहयोगी धीरज सुरवासे के खिलाफ महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुराई और अघोरी प्रथाओं और काला जादू अधिनियम 2013 की रोकथाम और उन्मूलन की धाराएं भी जोड़ी गई है। 
विज्ञापन


दो भाइयों के परिवार को किया खत्म
पुलिस के अनुसार तांत्रिक अब्बास व उसके सहयोगी ड्राइवर ने 20 जून को म्हैसल गांव में दो भाइयों के परिवार के खात्मे की इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया था। थोड़ी थोड़ी दूरी पर मौजूद दोनों भाइयों के घरों में नौ लोगों के शव मिलने से देशभर में सनसनी फैल गई थी। आरंभिक रूप से कहा गया था कि कर्ज में डूबे होने से सामूहिक खुदकुशी की गई है, लेकिन अब पुलिस ने पूरे मामले का राजफाश कर दिया है। मृतकों में शामिल वनमोर भाइयों में से एक शिक्षक था और दूसरा पशु चिकित्सक। कोल्हापुर रेंज के आईजी मनोज कुमार लोहिया ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए यह जानकारी दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


तांत्रिक ने 1 करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे
आईजी लोहिया के अनुसार तांत्रिक अब्बास ने डॉ. माणिक वनमोरे और पोपट वनमोरे को उनके लिए गुप्त धन खोजने का झांसा दिया था। यह झांसा देकर उसने दोनों भाइयों से करीब 1 करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे। इसके बाद तांत्रिक ने धन खोजने के लिए खूब ड्रामेबाजी की और जब वह विफल रहा तो वनमोरे बंधु पैसा लौटाने के लिए उस पर दबाव डालने लगे। तांत्रिक रुपये नहीं लौटाना चाहता था, इसलिए उसने वनमोरे बंधुओं के पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रची और खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। 

इस तरह दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अब्बास मोहम्मद अली बागवान 19 जून को ड्राइवर धीरज चंद्रकांत सुरवशे के साथ म्हैसल गांव में वनमोरे बंधुओं के घर पहुंचा। वनमोरे के घर पर उसने छिपे खजाने को खोजने के लिए तंत्र-मंत्र शुरू किया।

  • तांत्रिक ने वनमोरे परिवार के लोगों को उनके घरों की छत पर भेजा। 
  • इसके बाद बारी-बारी से उन्हें नीचे बुलाया और उसके द्वारा तैयार चाय पीने के लिए कहा।
  • पुलिस का दावा है कि चाय में कोई जहरीला पदार्थ मिला हुआ था। जिसे पीने के बाद वनमोरे परिवार के लोग बेहोश होकर दम तोड़ते गए। 

इन लोगों के मिले थे शव, सुसाइड नोट भी मिले 
शिक्षक पोपट वनमोर (54), पशु चिकित्सक डॉ माणिक वनमोर (49), 74 वर्षीय उनकी मां, दोनों भाइयों की पत्नियां और चार बच्चे दोनों घरों में मृत मिले थे। सांगली पुलिस को दोनों भाइयों के घरों पर शव मिलने के साथ ही वहां सुसाइड नोट भी मिले थे। एक शव के पास एक शीशी भी मिली थी। ये देखकर पुलिस को पहले शंका हुई कि यह सामूहिक खुदकुशी का मामला है। सुसाइड नोट में कुछ साहूकारों के भी नाम थे, जिन्हें वनमोरे बंधुओं ने अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था। 



आत्महत्या के उकसाने पर 19 को गिरफ्तार किया 
पुलिस ने माना कि गड़ा या गुप्त धन पाने के चक्कर में वनमोरे बंधुओं ने लोगों से कर्ज लिया हुआ था। इस पर 19 लोगों को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। घटनास्थल पर मिली शीशियों में से एक शव के पास जहर की शीशी मिली थी। 

पुलिस को इसलिए हुआ शक और हो गया भंडाफोड़
जांच के दौरान पुलिस को सुसाइड नोट में दर्ज विवरण पर शक हुआ। पुलिस का कहना है कि अक्सर सुसाइड नोट में खुदकुशी करने वाला पहले इसका कारण लिखता है। इसके बाद वह अपनी खुदकुशी के जिम्मेदार लोगों के नाम लिखता है। वनमोरे बंधुओं के केस में सुसाइड नोट में सबसे पहले कुछ लोगों के नाम लिखे थे। यह भी जिक्र नहीं था कि सामूहिक खुदकुशी क्यों की जा रही है? इसके बाद शक और गहराया और पुलिस ने तांत्रिक अब्बास पर शिकंजा कसा। पुलिस का मानना है कि वनमोरे भाइयों से तांत्रिक ने किसी बहाने से साहूकारों के नाम लिखवाए होंगे, ताकि इसी कागज का सुसाइड नोट का रूप देकर पूरे मामले को सामूहिक खुदकुशी साबित किया जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed