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Research: एचआईवी रोकेगा लेनकापाविर इंजेक्शन, महिलाओं पर दिखा 100 फीसदी प्रभाव, शोध में सामने आए बेहतर परिणाम

Wed, 24 Jul 2024 11:10 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Wed, 24 Jul 2024 11:10 PM IST
सार

अमेरिका स्थित बायो फार्मा कंपनी जीलेड साइंसेज ने साल में दो बार दिए जाने वाले इंजेक्शन लेनकापाविर को रोग निरोधक दवा के तौर पर तैयार किया है। यह दवा उन लोगों में संक्रमण को फैलने से रोकेंगी, जो अभी तक किसी भी संक्रमित के संपर्क में नहीं आए हैं।

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anti HIV injection Lenacapavir shows 100 per cent efficacy
एचआईवी संक्रमण - फोटो : Freepik.com

विस्तार

एचआईवी संक्रमण को रोकने के लिए बने लेनकापाविर इंजेक्शन के अध्ययन में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक स्टडी में सामने आया कि इंजेक्शन ने महिलाओं पर 100 फीसदी प्रभाव दिखाया। साथ ही महिलाओं में कोई साइड इफेक्ट भी नहीं नजर आया। इन महिलाओं ने साल में दो बार एचआईवी निवारक इस इंजेक्शन का उपयोग किया था। 

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अमेरिका स्थित बायो फार्मा कंपनी जीलेड साइंसेज ने साल में दो बार दिए जाने वाले इंजेक्शन लेनकापाविर को रोग निरोधक दवा के तौर पर तैयार किया है। यह दवा उन लोगों में संक्रमण को फैलने से रोकेंगी, जो अभी तक किसी भी संक्रमित के संपर्क में नहीं आए हैं। कंपनी ने दवा के तीसरे चरण का परीक्षण दक्षिण अफ्रीका और युगांडा में किशोर लड़कियों और युवा महिलाओं पर किया था। इसमें सामने आया कि रोग निरोधक लेनकापाविर ने 100 फीसदी प्रभाव दिखाया और इसे लेने वाली किसी भी महिला और किशोरी को एचआईवी संक्रमण नहीं हुआ। 
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अध्ययन में बताया गया कि दवा के पहले परीक्षण में 5338 एचआईवी निगेटिव प्रतिभागियों को शामिल किया गया था। इनको तीन समूहों में बांटा गया। जिसमें से 2134 को 26 सप्ताह के अंतर पर लेनकापाविर इंजेक्शन दिए गए। जबकि 2136 को दैनिक रूप से डेस्कोवी गोली दी गई और 1068 को दैनिक रूप से गोली ट्रूवाडा दी गई। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन विवि के डेसमंड टूट एचआईवी सेंटर के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि कुल 55 संक्रमण के केस सामने आए। इसमें लेनकापाविर इंजेक्शन लेने वाला एक भी प्रतिभागी संक्रमित नहीं मिला। जबकि डेस्कोवी लेने वाले 39 और ट्रूवाडा लेने वाले 16 लोग संक्रमित मिले। 
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शोधकर्ताओं ने कहा कि साल में दो बार लेनकापाविर लेने वाले किसी भी प्रतिभागी को एचआईवी संक्रमण नहीं हुआ। वहीं इस समूह के 70 फीसदी प्रतिभागियों पर कोई साइड इफेक्ट नजर नहीं आया। केपटाउन विवि के एचआईवी सेंटर की निदेशक और स्टडी की प्रथम लेखक लिंडा गेल बेकर ने कहा कि लेनकापाविर के शानदार परिणामों से साफ है कि अगर इसे स्वीकृति मिल जाती है तो अच्छा एचआईवी संक्रमण को रोकने में कारगर होगा। इसके जरिए वैश्विक स्तर पर महिलाओं में एचआईवी को कम करने में मदद मिलेगी। 

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