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Telangana: गुलाम नबी के बाद कांग्रेस को एक और बड़ा झटका, इस बड़े नेता ने दिया इस्तीफा, राहुल पर हुए आगबबूला
Sun, 28 Aug 2022 08:35 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, हैदराबाद
पीटीआई, हैदराबाद
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 28 Aug 2022 08:35 AM IST
सार
Telangana: कांग्रेस पार्टी के भले के लिए और पार्टी अच्छा काम करे इसके लिए जी23 के वरिष्ठ नेताओं ने आवाज उठाई जिसको नेतृत्व ने नकार दिया और उनको सुना तक नहीं।
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एमए खान
- फोटो : ANI
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विस्तार
Telangana News: कांग्रेस का समय सबसे खराब दौर से गुजर रहा है। आए दिन पार्टी से वरिष्ठ नेता इस्तीफा दे रहे हैं। गुलाम नबी आजाद के शुक्रवार को इस्तीफे के बाद तेलंगाना के राज्यसभा के पूर्व सदस्य एमए खान ने शनिवार को कांग्रेस पार्टी छोड़ दी। साथ ही पत्र लिखकर उन्होंने वजह भी गिनाईं।
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एमए खान ने पार्टी को दिए पत्र में लिखा है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी जनता को यह समझाने में पूरी तरह विफल रही है कि वह अपनी विरासत को पा सकती है और देश को आगे बढ़ा सकती है। उन्होंने आगे कहा कि अपने छात्र जीवन से ही चार दशकों से अधिक समय से पार्टी से जुड़े थे। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर भी हमला बोला।
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राहुल यह भी नहीं जानते हैं कि वरिष्ठ सदस्यों के साथ कैसे व्यवहार करना है: एमए खान
राहुल गांधी के उपाध्यक्ष और अध्यक्ष रहने के बाद कांग्रेस को नुकसान ही हुआ है। समाचार एजेंसी एएनआई ने खान के हवाले से कहा कि उनके सोचने के तरीके अलग हैं, जो ब्लॉक स्तर से लेकर बूथ स्तर तक किसी भी कार्यकर्ता से मेल नहीं खाती है। विधायक खान ने कहा कि पार्टी के तमाम दिग्गज, जिन्होंने दशकों तक पार्टी को मजबूत किया, अब पार्टी छोड़ रहे हैं। राहुल गांधी यह भी नहीं जानते हैं कि वरिष्ठ सदस्यों के साथ कैसे व्यवहार करना है। स्थिति को देखते हुए मेरे पास पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला करने के अलावा अलावा कोई विकल्प नहीं था।
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वरिष्ठ नेताओं की नहीं सुनी बातें
आगे उन्होने पत्र में लिखा कि पार्टी के भले के लिए और पार्टी अच्छा काम करे इसके लिए जी23 के वरिष्ठ नेताओं ने आवाज उठाई जिसको नेतृत्व ने नकार दिया और उनको सुना तक नहीं। साथ ही पत्र में कहा गया है कि अगर उन नेताओं पर भरोसा किया जाता और पार्टी उनकी पीड़ा को समझती तो चीजें अलग होतीं।
इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया
पत्र में एमए खान ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। शीर्ष नेतृत्व पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय करने का कोई प्रयास नहीं कर रहा है। पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने उसी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ देश की सेवा करना जारी रखा है। लेकिन इस स्थिति में मेरे पास इस कठोर फैसले के लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
उन्होंने लिखा कि मेरे पास कांग्रेस पार्टी के मामलों से खुद को अलग करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, इसलिए मैं तत्काल प्रभाव से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे देता हूं।
पार्टी के लिए आगामी चुनावों में अपने पैर जमाना मुश्किल
एमए खान ने कहा कि कई हाई-प्रोफाइल नेताओं ने इस साल कांग्रेस छोड़ दी है, जिससे पार्टी के लिए आगामी चुनावों में अपने पैर जमाना मुश्किल हो गया है। इससे पहले शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समेत कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।