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Maharashtra: पूर्व गृह मंत्री का बड़ा दावा- जेल में ऑफर किया था जो... मान लेता तो पहले ही गिर जाती MVA सरकार

Mon, 13 Feb 2023 02:37 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई। Published by: देव कश्यप Updated Mon, 13 Feb 2023 02:37 AM IST
सार

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने दावा किया है कि मुझे जेल में प्रस्ताव मिला था, जिसे मैंने खारिज कर दिया। अगर मैं समझौता कर लेता (प्रस्ताव स्वीकार कर लेता) तो महा विकास आघाड़ी के नेतृत्व वाली सरकार बहुत पहले ही गिर गई होती।

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Anil Deshmukh claimed he was made an offer that would have brought down Maha Vikas Aghadi Govt much earlier
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख। - फोटो : ANI

विस्तार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने रविवार को एक बड़ा दावा किया। देशमुख ने कहा कि उन्हें जेल में एक ऐसा प्रस्ताव मिला था, जिसे अगर मान लेते तो महा विकास आघाड़ी के नेतृत्व वाली सरकार काफी पहले गिर गई होती। बता दें कि देशमुख मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामलों में 13 महीने जेल में बिताये थे और फिलहाल जमानत पर हैं। देशमुख को नवंबर 2021 में गिरफ्तार किया गया था और पिछले साल 28 दिसंबर को जमानत पर रिहा किया गया। 

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मुझे जेल में मिला था एक प्रस्ताव: देशमुख
देशमुख ने यह दावा वर्धा के सेवाग्राम में नदी और वन संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाली ग्राम सभाओं और गैर सरकारी संगठनों (NGO) द्वारा आयोजित सामूहिक वन अधिकारों के राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए किया। उन्होंने कहा कि मुझे जेल में एक प्रस्ताव मिला था, जिसे मैंने अस्वीकार कर दिया था। अगर मैं समझौता कर लेता (प्रस्ताव स्वीकार कर लेता), तो ढाई साल तक चलने वाली महा विकास अघाड़ी सरकार बहुत पहले ही गिर जाती। लेकिन मैं न्याय में विश्वास करता हूं, इसलिए रिहा होने का इंतजार किया।
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गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार पिछले साल जून में गिर गई थी, जब शिवसेना के कई विधायकों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बगावत कर दी थी। इसके बाद शिंदे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थन से मुख्यमंत्री बने थे। 
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देशमुख ने किया यह दावा
देशमुख ने दावा किया कि शिवसेना के 40 विधायकों ने मूल पार्टी छोड़ दी और भाजपा के साथ सरकार बनाई क्योंकि उन्हें प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कार्रवाई की धमकी दी गई थी। मुझे 13 महीने के लिए संगीन आरोपों के तहत जेल में डाल दिया गया था। हालांकि, मैंने कभी हार नहीं मानी।


मुझे फंसाया गया: देशमुख
अनिल देशमुख ने जेल से रिहा होने के बाद 15 महीनों में पहली बार शनिवार को अपने गृह नगर नागपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। नागपुर हवाई अड्डे पर देखमुख के पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुझ पर 100 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है, लेकिन आरोप पत्र में यह राशि 1.71 करोड़ रुपये बताई गई है और जांच एजेंसी 1.71 करोड़ रुपये के भी साक्ष्य पेश करने में नाकाम रही। देशमुख ने दावा किया कि हाईकोर्ट ने पाया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से उनके खिलाफ दर्ज मामलों में कोई दम नहीं है। 

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