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AP: आंध्र प्रदेश सरकार ने विनाइल के बैनरों पर लगाया प्रतिबंध, CM बोले- 2027 तक प्लास्टिक मुक्त बनेगा राज्य
Fri, 26 Aug 2022 09:00 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विशाखापट्टनम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विशाखापट्टनम
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 26 Aug 2022 09:00 PM IST
सार
जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि मंदिर नगर तिरुमाला-तिरुपति में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं क्योंकि लोग कपड़े की थैलियों का इस्तेमाल करने लगे हैं।
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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
आंध्र प्रदेश की सरकार ने प्लास्टिक के खिलाफ अभियान के तहत शुक्रवार को राज्यभर में विनाइल के बैनर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया। मुख्यमंत्री वाई.एस.जगनमोहन रेड्डी ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिए इसके बजाय कपड़े के बैनर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यहां यूएस बेस्ड पार्लेज फॉर ओशन्स के साथ साझेदारी में बड़े पैमाने पर समुद्र तट की सफाई का कार्यक्रम शुरू किया। उन्होंने कहा, "हमारा प्रयास 2027 तक आंध्र प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाना है। विनाइल बैनर पर प्रतिबंध इस दिशा में पहला कदम है।" हालांकि उन्होंने पर्यावरण को बचाने के लिए कपड़े के बैनर का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया।
जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि मंदिर नगर तिरुमाला-तिरुपति में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं क्योंकि लोग कपड़े की थैलियों का इस्तेमाल करने लगे हैं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार ने 'पार्ले फॉर ओशन्स एंड ग्लोबल अलायंस फॉर सस्टेंनेबल प्लेनेट' समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
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महासागरों के लिए पार्ले ने समुद्र तट की सफाई अभियान का नेतृत्व किया जिसे दुनिया में इस तरह का सबसे बड़ा अभ्यास माना जा रहा है। सरकार के मुताबिक, 22,000 से अधिक नागरिकों ने विजाग (गोकुल समुद्र तट से भीमिली समुद्र तट तक) में 40 समुद्र तट स्थानों पर 28 किलोमीटर समुद्र तट की सफाई में भाग लिया। दो घंटे मं 76 टन प्लास्टिक एकत्र किया गया। यही सामुदायिक भावना विजाग को इतना खास शहर बनाती है।
'पार्ले फॉर द ओशन्स' आंध्र प्रदेश सरकार के साथ साझेदारी में 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश कर रहा है। इससे अगलेत छह वर्षों में 20,000 नौकरियां पैदा होंगी। विजाग में पार्ले फ्यूचर इंस्टीट्यूट दुनिया को आंध्र प्रदेश लाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल होगी। यह भविष्य की नई सामग्री के लिए एक अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र होगा। यह कई अलग-अलग तरीकों से आंध्र प्रदेश के परिदृश्य को बदल देगा।
आंध्र प्रदेश और भारत के अन्य हिस्सों में प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण और प्लास्टिक के खतरे से निपटने के लिए पार्ले सुपर हब की स्थापना आंध्र प्रदेश में की जाएगी। इन उपायों से आने वाले वर्षों में एक प्लास्टिक प्रदूषण मुक्त आंध्र प्रदेश बनेगा।
शुक्रवार को विशाखापट्टनम के अपने दौरे के दौरान सीएम जगन ने आंध्र प्रदेश विश्वविद्यालय के समारोह हॉल में आयोजित माइक्रोसॉफ्ट सर्टिफिकेशन समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 40 विभागीय पाठ्यक्रमों में लगभग 1.62 लाख लोगों को सॉफ्ट स्किल में प्रशिक्षित किया गया है। राज्य सरकार ने छात्रों को वित्तीय बोझ से मुक्त करने के लिए प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक छात्र पर 25,000 रुपये से 50,000 रुपये खर्च किए हैं।
आंध्र प्रदेश स्क्लि डेवलपमेंट और आंध्र प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयास से देश में पहली बार 35,980 छात्रों को सॉफ्ट स्किल में प्रशिक्षित किया गया है।
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मुख्यमंत्री ने यहां यूएस बेस्ड पार्लेज फॉर ओशन्स के साथ साझेदारी में बड़े पैमाने पर समुद्र तट की सफाई का कार्यक्रम शुरू किया। उन्होंने कहा, "हमारा प्रयास 2027 तक आंध्र प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाना है। विनाइल बैनर पर प्रतिबंध इस दिशा में पहला कदम है।" हालांकि उन्होंने पर्यावरण को बचाने के लिए कपड़े के बैनर का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया।
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जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि मंदिर नगर तिरुमाला-तिरुपति में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं क्योंकि लोग कपड़े की थैलियों का इस्तेमाल करने लगे हैं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार ने 'पार्ले फॉर ओशन्स एंड ग्लोबल अलायंस फॉर सस्टेंनेबल प्लेनेट' समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
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महासागरों के लिए पार्ले ने समुद्र तट की सफाई अभियान का नेतृत्व किया जिसे दुनिया में इस तरह का सबसे बड़ा अभ्यास माना जा रहा है। सरकार के मुताबिक, 22,000 से अधिक नागरिकों ने विजाग (गोकुल समुद्र तट से भीमिली समुद्र तट तक) में 40 समुद्र तट स्थानों पर 28 किलोमीटर समुद्र तट की सफाई में भाग लिया। दो घंटे मं 76 टन प्लास्टिक एकत्र किया गया। यही सामुदायिक भावना विजाग को इतना खास शहर बनाती है।
'पार्ले फॉर द ओशन्स' आंध्र प्रदेश सरकार के साथ साझेदारी में 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश कर रहा है। इससे अगलेत छह वर्षों में 20,000 नौकरियां पैदा होंगी। विजाग में पार्ले फ्यूचर इंस्टीट्यूट दुनिया को आंध्र प्रदेश लाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल होगी। यह भविष्य की नई सामग्री के लिए एक अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र होगा। यह कई अलग-अलग तरीकों से आंध्र प्रदेश के परिदृश्य को बदल देगा।
आंध्र प्रदेश और भारत के अन्य हिस्सों में प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण और प्लास्टिक के खतरे से निपटने के लिए पार्ले सुपर हब की स्थापना आंध्र प्रदेश में की जाएगी। इन उपायों से आने वाले वर्षों में एक प्लास्टिक प्रदूषण मुक्त आंध्र प्रदेश बनेगा।
शुक्रवार को विशाखापट्टनम के अपने दौरे के दौरान सीएम जगन ने आंध्र प्रदेश विश्वविद्यालय के समारोह हॉल में आयोजित माइक्रोसॉफ्ट सर्टिफिकेशन समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 40 विभागीय पाठ्यक्रमों में लगभग 1.62 लाख लोगों को सॉफ्ट स्किल में प्रशिक्षित किया गया है। राज्य सरकार ने छात्रों को वित्तीय बोझ से मुक्त करने के लिए प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक छात्र पर 25,000 रुपये से 50,000 रुपये खर्च किए हैं।
आंध्र प्रदेश स्क्लि डेवलपमेंट और आंध्र प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयास से देश में पहली बार 35,980 छात्रों को सॉफ्ट स्किल में प्रशिक्षित किया गया है।