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अवैध खनन मामले में आंध्र की नायडू सरकार पर 100 करोड़ का जुर्माना
Mon, 08 Apr 2019 10:02 AM IST
अल्पना शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अल्पना शर्मा
Updated Mon, 08 Apr 2019 10:02 AM IST
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चंद्रबाबू नायडू (फाइल)
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राज्य में अवैध खनन रोकने में नाकाम रहने के चलते चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली आंध्र प्रदेश सरकार पर 100 करोड़ रुपये का अंतरिम जुर्माना लगाया है। एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य के मुख्य सचिव को सभी तरह के अवैध रेत खनन पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।
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पीठ ने कहा कि यह सरकार का कर्तव्य है कि वह प्राकृतिक संसाधनों को संपूर्ण सुरक्षा मुहैया कराए, क्योंकि वह जनता की संरक्षक है। यहां तक कि कल्याणकारी कदम के तहत भी मुफ्त में रेत देने की नीति अनियमित खनन से पर्यावरण पर असर को उचित नहीं ठहरा सकती है। यदि खनन के दौरान पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान होता है तो इसकी भरपाई ऐसे उल्लंघन कर्ताओं से की जानी चाहिए।
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एनजीटी ने राज्य सरकार को एक महीने के अंदर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास 100 करोड़ रुपये का पर्यावरण मुआवजा जमा करने का निर्देश दिया है। अनुमोलू गांधी ने एक याचिका दायर की थी, जिस पर एनजीटी ने यह निर्देश दिया। याचिका में कहा गया है कि रेत के अवैध खनन से राज्य में कृष्णा, गोदावरी और उनकी सहायक नदियों को नुकसान पहुंच रहा है।
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