{"_id":"68fe5b64cc4d6a015a08b1a2","slug":"andaman-tourism-takes-new-cruise-sindhu-vessel-first-historic-voyage-india-active-volcano-2025-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Andaman: अंडमान में पर्यटन को नई उड़ान, भारत के सक्रिय ज्वालामुखी तक पहुंची सिंधु जहाज की पहली ऐतिहासिक यात्रा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Andaman: अंडमान में पर्यटन को नई उड़ान, भारत के सक्रिय ज्वालामुखी तक पहुंची सिंधु जहाज की पहली ऐतिहासिक यात्रा
Sun, 26 Oct 2025 11:03 PM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ब्लेयर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ब्लेयर
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sun, 26 Oct 2025 11:03 PM IST
सार
अंडमान प्रशासन की पहल पर यात्री पोत ‘सिंधु’ ने भारत के एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी बैरन द्वीप तक अपनी पहली यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। जहाज में 500 यात्री और 125 छात्र सवार थे। इस यात्रा में यात्रियों ने ज्वालामुखी की लाल आभा और सूर्योदय का नजारा देखा।
विज्ञापन
अंडमान निकोबार द्वीप (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : पीआईबी
विस्तार
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पर्यटन को नई दिशा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। यात्री पोत ‘सिंधु’ ने भारत के एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी बैरन द्वीप तक अपनी पहली सफल यात्रा पूरी कर ली है। यह जहाज शनिवार को सभी यात्रियों और विद्यार्थियों के साथ सुरक्षित रूप से पोर्ट ब्लेयर वापस लौटा। इस यात्रा को अंडमान प्रशासन की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्य सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार ने इस जहाज को 24 अक्तूबर की रात नौ बजे हड्डो व्हार्फ से हरी झंडी दिखाई थी। यह यात्रा पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय द्वीपवासियों को प्राकृतिक धरोहर से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। समुद्र के रास्ते पोर्ट ब्लेयर से करीब 140 किलोमीटर दूर स्थित बैरन द्वीप हिंद और बर्मा की टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर बसा है और भारतीय उपमहाद्वीप का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है।
यात्रा का अनुभव और नजारा
‘सिंधु’ जहाज ने लगभग पूरी क्षमता के साथ यात्रा की, जिसमें 500 यात्रियों की जगह है। इसमें 125 सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी शामिल थे, जिन्हें द्वीपसमूह के अलग-अलग इलाकों से चुना गया था। यात्रियों ने बताया कि ज्वालामुखी को नजदीक से देखना बेहद रोमांचक अनुभव था। यात्री अर्चना देवी ने कहा कि कुछ नौटिकल मील की दूरी से ज्वालामुखी को लाल चमक के साथ देखना अद्भुत था। वहीं, पर्यटक मोनिदीपा चौधरी और एस. पिल्लै ने जहाज के स्टाफ की विनम्रता, स्वच्छता और स्वादिष्ट भोजन की तारीफ की।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- ड्रीमलाइनर पायलटों की ड्यूटी टाइम बढ़ाने पर बवाल, पायलट संगठन ने DGCA से फैसला वापस लेने की मांग की
यात्रा का क्रम और प्राकृतिक नजारे
जहाज ने शुक्रवार शाम को हड्डो व्हार्फ से सफर शुरू किया और अगले दिन सुबह यात्रियों ने ज्वालामुखी का मनमोहक दृश्य देखा, जब द्वीप की चोटी से लाल रोशनी निकल रही थी। शनिवार सुबह जहाज ने पूरे द्वीप का चक्कर लगाया, जिससे यात्रियों को सूर्योदय और ज्वालामुखीय सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। इसके बाद ‘सिंधु’ ने सुबह आठ बजे वापसी यात्रा शुरू की और दोपहर करीब तीन बजे पोर्ट ब्लेयर लौट आई। यह यात्रा प्रशासन की ओर से अब तक का सबसे अनोखा और ऐतिहासिक समुद्री अभियान साबित हुई।
ये भी पढ़ें- 'बेहतरीन अदालती ढांचे से बढ़ेगा जनता का विश्वास', चेन्नई में बोले जस्टिस सूर्यकांत शर्मा
सुविधा, किराया और पर्यटन में नई पहल
‘सिंधु’ जहाज में चार तरह की आवास सुविधाएं हैं। कोरल सूट, रीफ सूट, आइलैंड ब्रीज और लैगून। पूरी यात्रा के दौरान भोजन के लिए 2,000 रुपये अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। मुख्य सचिव डॉ. कुमार ने बताया कि अब हर महीने इस तरह की दो यात्राएं आयोजित की जाएंगी ताकि पर्यटक और स्थानीय लोग इस अद्भुत प्राकृतिक नजारे को करीब से देख सकें। उन्होंने कहा कि यह सेवा अंडमान के पर्यटन क्षेत्र में नए युग की शुरुआत है।
विज्ञापन
मुख्य सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार ने इस जहाज को 24 अक्तूबर की रात नौ बजे हड्डो व्हार्फ से हरी झंडी दिखाई थी। यह यात्रा पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय द्वीपवासियों को प्राकृतिक धरोहर से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। समुद्र के रास्ते पोर्ट ब्लेयर से करीब 140 किलोमीटर दूर स्थित बैरन द्वीप हिंद और बर्मा की टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर बसा है और भारतीय उपमहाद्वीप का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है।
विज्ञापन
यात्रा का अनुभव और नजारा
‘सिंधु’ जहाज ने लगभग पूरी क्षमता के साथ यात्रा की, जिसमें 500 यात्रियों की जगह है। इसमें 125 सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी शामिल थे, जिन्हें द्वीपसमूह के अलग-अलग इलाकों से चुना गया था। यात्रियों ने बताया कि ज्वालामुखी को नजदीक से देखना बेहद रोमांचक अनुभव था। यात्री अर्चना देवी ने कहा कि कुछ नौटिकल मील की दूरी से ज्वालामुखी को लाल चमक के साथ देखना अद्भुत था। वहीं, पर्यटक मोनिदीपा चौधरी और एस. पिल्लै ने जहाज के स्टाफ की विनम्रता, स्वच्छता और स्वादिष्ट भोजन की तारीफ की।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- ड्रीमलाइनर पायलटों की ड्यूटी टाइम बढ़ाने पर बवाल, पायलट संगठन ने DGCA से फैसला वापस लेने की मांग की
यात्रा का क्रम और प्राकृतिक नजारे
जहाज ने शुक्रवार शाम को हड्डो व्हार्फ से सफर शुरू किया और अगले दिन सुबह यात्रियों ने ज्वालामुखी का मनमोहक दृश्य देखा, जब द्वीप की चोटी से लाल रोशनी निकल रही थी। शनिवार सुबह जहाज ने पूरे द्वीप का चक्कर लगाया, जिससे यात्रियों को सूर्योदय और ज्वालामुखीय सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। इसके बाद ‘सिंधु’ ने सुबह आठ बजे वापसी यात्रा शुरू की और दोपहर करीब तीन बजे पोर्ट ब्लेयर लौट आई। यह यात्रा प्रशासन की ओर से अब तक का सबसे अनोखा और ऐतिहासिक समुद्री अभियान साबित हुई।
ये भी पढ़ें- 'बेहतरीन अदालती ढांचे से बढ़ेगा जनता का विश्वास', चेन्नई में बोले जस्टिस सूर्यकांत शर्मा
सुविधा, किराया और पर्यटन में नई पहल
‘सिंधु’ जहाज में चार तरह की आवास सुविधाएं हैं। कोरल सूट, रीफ सूट, आइलैंड ब्रीज और लैगून। पूरी यात्रा के दौरान भोजन के लिए 2,000 रुपये अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। मुख्य सचिव डॉ. कुमार ने बताया कि अब हर महीने इस तरह की दो यात्राएं आयोजित की जाएंगी ताकि पर्यटक और स्थानीय लोग इस अद्भुत प्राकृतिक नजारे को करीब से देख सकें। उन्होंने कहा कि यह सेवा अंडमान के पर्यटन क्षेत्र में नए युग की शुरुआत है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन