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सेना में तीन साल ट्रेनिंग की पहल को आनंद महिंद्रा का समर्थन, कहा- फिर हम देंगे नौकरी
Sat, 16 May 2020 02:11 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 16 May 2020 02:11 PM IST
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उद्योगपति आनंद महिंद्रा (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
देश के जाने-माने उद्योगपतियों में शुमार आनंद महिंद्रा ने युवाओं को सेना में तीन साल तक सेवा देने संबंधी प्रस्ताव का समर्थन किया है। केवल इतना ही नहीं महिंद्रा ने भारतीय सेना को ईमेल लिखकर कहा है कि यदि ऐसा किया जाता है तो सेना में तीन साल तक 'टूर ऑफ ड्यूटी' करके आने वाले युवाओं को उनके समूह में नौकरी देने में तरजीह दी जाएगी।
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सेना को लिखे ईमेल में महिंद्रा ने लिखा, हाल ही में मुझे पता चला है कि भारतीय सेना 'टूर ऑफ ड्यूटी' संबंधी नए प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इसके तहत युवाओं, फिट नागरिकों को स्वैच्छिक आधार पर सेना के साथ बतौर जवान या अफसर के तौर पर जुड़कर ऑपरेशनल एक्सपिरियंस (संचालन अनुभव) लेने का मौका मिलेगा।
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महिंद्रा ने लिखा, मुझे इस बात का पूरा यकीन है कि टूर ऑफ ड्यूटी के तौर पर सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद जब वे कार्यस्थल पर आएंगे तो यह काफी फायदेमंद साबित होगा। भारतीय सेना में चयन और प्रशिक्षण के सख्त मानकों के मद्देनजर सैन्य प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को महिंद्रा समूह नौकरी देने पर विचार करेगा।
दरअसल, नागरिकों में देश सेवा की भावना बढ़ाने और आम लोगों को भारतीय सेना से जोड़ने के लिए टूर ऑफ ड्यूटी का प्रस्ताव लाने पर विचार किया जा रहा है। यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता है तो ये देश के इतिहास में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम होगा। इसके तहत युवाओं को तीन साल के लिए देश सेवा का मौका दिया जाएगा जिससे सेना को अरबों रुपये की बचत होगी।
फिलहाल इस प्रस्ताव पर शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच मंथन चल रहा है, लेकिन सैन्य प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद के मुताबिक, यदि इसे मंजूरी मिलती है तो पहले चरण में टेस्ट प्रोजेक्ट के तौर पर 100 अधिकारियों व 1000 जवानों की भर्ती की जाएगी। शुरुआत में ट्रायल के आधार पर टूर ऑफ ड्यूटी के तहत 100 अफसरों और एक हजार जवानों को सेना में तीन साल के कार्यकाल के लिए रखने की योजना है।
इसके जरिए भारतीय सेना देश के बेहतरीन प्रतिभा को अपने कुनबे में शामिल करना चाहती है। वर्तमान में शॉर्ट सर्विस कमिशन के जरिए सेना में शामिल होने वालों को कम से कम 10 साल नौकरी करनी होती है। सेना के शीर्ष अधिकारी शॉर्ट सर्विस कमिशन के प्रावधानों की भी समीक्षा कर रहे हैं जिससे कि युवाओं के लिए इसे ज्यादा आकर्षक बनाया जा सके।