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'जख्मी जूतों का अस्पताल' चलाने वाले इस डॉक्टर को मिलेगा 'नया क्लीनिक', जानें पूरा कहानी...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 01 May 2018 02:34 PM IST
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हरियाणा के जींद में जूतों की मरम्मत करने वाले नरसीराम सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। नरसीराम के सुर्खियों में बने रहने की वजह रोड पर बना उनका जूतों का अस्पताल है। दरअसल, महिंद्रा ग्रुप के चेयरमेन आनंद महिंद्रा को नरसीराम के मार्केटिंग का तरीका बेहद पसंद आया। आनंद महिंद्रा ने नरसीराम और उनकी दुकान की फोटो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए दुनिया को मार्केटिंग का अनोखा अंदाज दिखाया।
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नरसीराम ने अपनी दुकान का नाम जूतों का अस्पताल रख दिया था और यह फोटो वायरल होते हुए आनंद्र महिंद्रा के पास पहुंच गई थी। इसके बाद उन्होंने अपने कर्मचारियों को नरसीराम को ढूंढने के निर्देश दे दिए। दिलचस्प बात है कि नरसीराम का पता मिल गया है और अब उनके लिए नया क्लीनिक यानि नई दुकान बनाई जा रही है, जहां वह शान से जूतों की मरम्मत कर सकेंगे।
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बता दें कि हरियाणा के जींद में पटियाला चौक पर नरसीराम अपनी दुकान पर एक बैंनर टांगा हुआ है। इसका शीर्षक नरसीराम ने जूतों का अस्पताल देते हुए खुद को डॉ. नरसीराम बताया है। बैनर में जूतों को ठीक कराने के लिए कई जानकारियां दी गई हैं, जैसे- ओ.पी.डी, सुबह 9 से दोपहर 1 बजे, लंच टाइम : दोपहर 1 से 2 बजे और शाम 2 से 6 बजे तक अस्तपाल खुला रहेगा।
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आगे लिखा है- 'हमारे यहां सभी प्रकार के जूते जर्मन तकनीक से ठीक किए जाते हैं।' इस बैनर को देखते हुए आनंद महिंद्रा ने ट्वीट में लिखा कि इन्हें आईआईएम में फैकल्टी होना चाहिए।
नई दुकान पर लगेगा यही बैनर
खास बात है कि नरसीराम की नई दुकान पर यही बैनर लगाया जाएगा। जब महिंद्रा ग्रुप की टीम नरसीराम से मिली तो उनसे पूछा गया कि उनकी कुछ मदद कर सकते हैं। टीम की ओर से पैसों की मदद की पेशकश भी की गई। लेकिन नरसीराम ने आर्थिक मदद लेने से इनकार कर दिया। हालांकि, नरसीराम ने कहा कि उन्हें काम के लिए बेहतर जगह की जरूरत है।
महिंद्रा ने ट्वीट में आगे लिखा कि उन्होंने मुंबई की अपनी डिजाइन स्टूडियो टीम से एक चलती-फिरती दुकान डिजाइन करने को कहा है। नरसीराम की जरुरत के हिसाब से उनके लिए नई चलती-फिरती दुकान तैयार की जाएगी।