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चन्नी की ताजपोशी से दोबारा 'क्रीज' पर लौटे राहुल: कांग्रेस को पूर्व कप्तान से 2022 में धुआंधार बल्लेबाजी की उम्मीद

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Mon, 20 Sep 2021 05:54 PM IST
सार

जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर एवं राजनीतिक विश्लेषक डॉ. आनंद कुमार कहते हैं, ये राहुल गांधी के लिए परीक्षा की घड़ी है। अगर वे इस दलित थ्योरी को महज अल्पकालिक राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करेंगे तो चोट खा सकते हैं। अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव में उन्हें मतदाताओं को यह भरोसा दिलाना होगा कि कांग्रेस पार्टी, दलित समुदाय के हितों के संरक्षण के लिए वचनबद्ध है...

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Analyst said, Congress will get the benefit of making a Dalit Chief Minister in all the election states going to be held next year
राहुल गांधी के साथ पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी - फोटो : Agency

विस्तार

पंजाब में 'चरणजीत सिंह चन्नी' की ताजपोशी के बाद कांग्रेस पार्टी उत्साह में है। पार्टी नेताओं को लगता है कि पंजाब में दलित सीएम बनाकर पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी दोबारा से क्रीज पर लौट आए हैं। अब वे कांग्रेस के भीतर 'समूह 23' और भाजपा को भी जवाब दे सकेंगे। कांग्रेस की सोच है कि दलित मुख्यमंत्री बनाने का फायदा उसे अगले साल होने जा रहे सभी चुनावी राज्यों में मिलेगा। पंजाब के अलावा उत्तरप्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश में भी 'चन्नी' को सीएम बनाने का फायदा हो सकता है। राजनीति विश्लेषक मानते हैं कि कांग्रेस के इस कदम से कई राज्यों में दलित राजनीति के समीकरण बदल जाएंगे। किसी दौर में दलित वोटरों पर कांग्रेस का एकछत्र राज रहा है। चन्नी को सीएम बनाने का असर दूसरे राज्यों के चुनावों पर भी पड़ेगा।

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कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए मुसीबतें खड़ी कर रहे पार्टी नेताओं का समूह जी-23 अब चुप बैठ सकता है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष डॉ. नितिन राउत के नेतृत्व में पिछले सप्ताह 21 राज्यों के राष्ट्रीय पदाधिकारियों और राज्य अध्यक्षों ने चुनावी रणनीति तैयार की है। उसमें दलित वोटरों पर खास फोकस किया गया है। एक राष्ट्रीय पार्टी की ओर से राहुल गांधी को लेकर सोशल मीडिया में कथित तौर पर ऐसी बातें फैलाई जा रही थीं कि वे पार्टी नहीं संभाल सकते हैं तो देश कैसे संभालेंगे। जब भाजपा ने अपने कई मुख्यमंत्री बदले तो कांग्रेस पार्टी मजबूत तरीके से राजनीतिक स्थिति को लोगों के सामने नहीं रख सकी। मीडिया में ऐसी खबरें आने लगीं कि भाजपा ने तीन राज्यों में अपने सीएम बदल दिए, लेकिन कहीं कोई हंगामा नहीं हुआ। कांग्रेस पार्टी के एक सीएम को लेकर हल्ला मचा है। भाजपा ने इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा।
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राहुल गांधी को इस मुद्दे पर भी अपने राजनीतिक विरोधियों को जवाब देना था। उन्होंने अपने एक मास्टर स्ट्रोक के जरिए भाजपा को अपनी रणनीति पर दोबारा से मंथन करने के लिए मजबूर कर दिया है। अगले साल सात राज्यों में विधानसभा चुनाव है। इनमें पंजाब के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात व हिमाचल प्रदेश अहम हैं। रणदीप सुरजेवाला कहते हैं कांग्रेस पार्टी ऐसे निर्णय ले सकती है। किसी दूसरी पार्टी में ऐसी हिम्मत नहीं थी। पार्टी द्वारा चन्नी का नाम खूब भुनाया जा रहा है। पंजाब में दशकों से पगड़ीधारी सिख ही मुख्यमंत्री बनते आए हैं। पार्टी ने चन्नी को मौका देने से पहले इस बात पर अच्छे से विचार किया था कि पंजाब गैर-सिख को सीएम बनाते हैं तो सिख समुदाय का रूझान क्या रहेगा। ये अलग बात है कि पंजाब में जट्टसिख समुदाय 19 फीसदी है और दलित आबादी 32 फीसदी है। अकाली दल ने यह घोषणा कर रखी है कि वे चुनाव जीतने पर दलित डिप्टी सीएम बनाएंगे। कांग्रेस के मास्टर स्ट्रॉक ने अकाली दल की योजना पर पानी फेर दिया है।

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'राहुल गांधी के लिए परीक्षा की घड़ी'

जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर एवं राजनीतिक विश्लेषक डॉ. आनंद कुमार कहते हैं, ये राहुल गांधी के लिए परीक्षा की घड़ी है। भले ही चुनावों की दहलीज पर ही सही, लेकिन उन्होंने एक बड़ा कदम उठाया है। अगर वे इस दलित थ्योरी को महज अल्पकालिक राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करेंगे तो चोट खा सकते हैं। अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव में उन्हें मतदाताओं को यह भरोसा दिलाना होगा कि कांग्रेस पार्टी, दलित समुदाय के हितों के संरक्षण के लिए वचनबद्ध है। उत्तर प्रदेश में ओबीसी व मुस्लिम और दलित व मुस्लिम, ऐसे समीकरणों के आधार पर सरकारें बनती रही हैं। इस बार प्रियंका गांधी यूपी में पार्टी को आगे ले जाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही हैं। अगर वे पंजाब में चन्नी को सीएम बनाने की थ्योरी यूपी के दलित वोटरों को समझाने में कामयाब हो जाती हैं तो पार्टी को फायदा मिल सकता है। यूपी में दलित वोटर करीब 21 फीसदी बताए जाते हैं।

गुजरात में लगभग 62 सीटों पर दलित वोटरों का प्रभाव रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, अकाली, बसपा, भाजपा और आप बेशर्मी से चन्नी जी की उम्मीदवारी पर हमला कर रहे हैं। मैं पीएम मोदी से पूछना चाहता हूं कि क्या आपने कभी किसी दलित को भाजपा का सीएम बनाया है, नहीं बनाया। आज देश में सिर्फ एक दलित सीएम है, वह भी कांग्रेस का। हमारे बाकी दो सीएम ओबीसी समुदाय से आते हैं। भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, कांग्रेस ने नाईट वॉचमैन उतारा है। दलित वोटरों को लुभाने के लिए चन्नी को चार महीने का मुख्यमंत्री बनाया है। अगर कांग्रेस में हिम्मत है तो वह ऐसी घोषणा करें कि चन्नी के नेतृत्व में आगामी चुनाव लड़ेंगे। अगला मुख्यमंत्री भी उन्हें ही बनाएंगे।

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