फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   An open letter condemning LoP Rahul and Congress Party’s attempts to tarnish constitutional bodies like ECI

'लोकतंत्र के लिए खतरा': राहुल गांधी और कांग्रेस पर बरसे देश के पूर्व जज-अधिकारी, EC की छवि खराब करने का आरोप

Wed, 19 Nov 2025 10:34 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 19 Nov 2025 10:34 PM IST
सार

Rahul Gandhi Vs Election Commission: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पर देश की 272 वरिष्ठ हस्तियों ने चुनाव आयोग की छवि खराब करने का आरोप लगाया है। अपने एक खुले पत्र में देश की इन हस्तियों ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है। पढ़ें, पत्र में और क्या-क्या लिखा गया है...

विज्ञापन
An open letter condemning LoP Rahul and Congress Party’s attempts to tarnish constitutional bodies like ECI
राहुल गांधी के आरोपों पर पूर्व जज और अधिकारियों का खुला पत्र। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
loader

विस्तार

देश के 272 प्रतिष्ठित नागरिक, जिसमें 16 पूर्व जज, 123 रिटायर्ड नौकरशाह (14 पूर्व राजदूत समेत) और 133 सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी शामिल हैं, ने एक खुला पत्र जारी करके विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। इन हस्तियों ने कहा कि भारत का लोकतंत्र किसी हथियार से नहीं, बल्कि जहरीली बयानबाजी से हमला झेल रहा है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Tribunals: 'न्यायिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों का उल्लंघन..', SC में ट्रिब्यूनल सुधार कानून के कई प्रावधान खारिज
विज्ञापन


ECI पर हमले को बताया 'षड्यंत्रकारी'
इस पत्र में आरोप लगाया गया है कि सैन्य बलों, न्यायपालिका और संसद पर सवाल उठाने के बाद अब चुनाव आयोग को निशाना बनाया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों ने लिखा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बार-बार चुनाव आयोग पर वोट चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया, 'परमाणु बम' जैसी भाषा इस्तेमाल की और यहां तक कहा कि आयोग देशद्रोह कर रहा है, लेकिन इन दावों के समर्थन में कोई औपचारिक शिकायत या शपथ पत्र नहीं दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन




'चुनावी हार की हताशा से उपजा क्रोध'
पत्र के अनुसार, बिना सबूत के लगाए जाने वाले आरोप एक 'क्रोध' का रूप हैं, ऐसा गुस्सा जो बार-बार चुनावी हार और जनता से दूरी के कारण पैदा हुआ है। पत्र में आगे कहा गया है कि कुछ राजनीतिक दल विश्लेषण की जगह नाटकीयता को चुन रहे हैं और सार्वजनिक सेवा की जगह राजनीतिक तमाशा कर रहे हैं।



आरोपों में 'चुनिंदा गुस्सा', जब जीत मिले तो चुप्पी
देश की इन हस्तियों ने लिखा कि जब किसी विपक्ष शासित राज्य में चुनाव आयोग के परिणाम विपक्ष के अनुकूल होते हैं, तब उसकी आलोचना गायब हो जाती है। लेकिन जब परिणाम उनके खिलाफ आते हैं, तब आयोग को हर कहानी का खलनायक बना दिया जाता है। उन्हें यह चुनिंगा नाराजगी 'राजनीतिक अवसरवाद' का उदाहरण लगी।


 

संस्थाओं की परंपरा और उनकी विरासत
इस खुले पत्र में टीएन शेषन और एन गोपालस्वामी जैसे पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि उन्होंने लोकप्रियता या सुर्खियों के बजाय निष्पक्षता और कड़ाई से नियमों का पालन कराया। वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि भारत की संस्थाओं को राजनीतिक हमलों का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, यही परंपरा देश को मजबूत बनाती है।

यह भी पढ़ें - West Bengal: एसआईआर अभियानों के बीच अवैध बांग्लादेशियों का सीमा पार कर लौटना जारी, बीएसएफ का दावा

चुनाव आयोग से पारदर्शिता जारी रखने की अपील
वरिष्ठ नागरिकों ने चुनाव आयोग से कहा कि वह पारदर्शिता बनाए रखे, सभी आंकड़े सार्वजनिक करे और आवश्यक होने पर कानूनी तरीकों से अपना बचाव करे। इसके साथ ही राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे 'बिना सबूत वाले आरोपों' की जगह नीतिगत विकल्प और देश के लिए ठोस दृष्टि पेश करें।

'लोकतंत्र मजबूत है, लोग समझदार हैं'
वहीं इस पत्र के आखिरी में देश की वरिष्ठ हस्तियों ने भारतीय सेना, न्यायपालिका, कार्यपालिका और विशेष रूप से चुनाव आयोग पर अपना अटूट विश्वास जतााया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का लोकतंत्र मजबूत है और अब समय आ गया है कि राजनीति नाटकीयता नहीं, बल्कि सत्य, विचार और सेवा के आधार पर आगे बढ़े।


राहुल गांधी ECI पर बेबुनियाद हमले कर रहे हैं- ढींगरा

वहीं इस मामले में पूर्व न्यायमूर्ति एसएन ढींगरा ने कहा, 'पिछले कुछ समय से, विपक्ष के नेता (लोकसभा सांसद राहुल गांधी) नियमित रूप से भारत के चुनाव आयोग पर बेबुनियाद हमले कर रहे हैं। वह एसआईआर के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। केवल एक नासमझ व्यक्ति ही एसआईआर के खिलाफ विरोध कर सकता है। केवल आतंकवादी ही ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं जिसमें वे 'बम' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। हमें संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों के ऐसे व्यवहार को न तो माफ करना चाहिए और न ही बर्दाश्त करना चाहिए।' 

'राहुल गांधी ने एक दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाया'
इस मामले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा, 'हम अपने देशवासियों को यह बताना चाहते हैं कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय सेना और फिर सर्वोच्च न्यायालय की निष्पक्षता पर भी हमला किया। अगर चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए एसआईआर कर रहा है, तो वह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए है। जिन लोगों ने धोखाधड़ी से वोटिंग कार्ड का दुरुपयोग किया है, उन्हें भारत में चुनाव में वोट देने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। एक बांग्लादेशी या रोहिंग्या को भारत में चुनाव में वोट क्यों देना चाहिए? राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को निशाना बनाकर एक दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाया। उन्हें एक रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए। जब आप (कांग्रेस) 60 साल तक सत्ता में थे, तब बूथ कैप्चरिंग और पुनर्मतदान होता था... राहुल गांधी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने वाले चुनाव आयोग के बारे में क्यों रो रहे हैं? उन्हें अपना अतीत देखना चाहिए।'

अपने आरोपों में संयम बरतें- विक्रम सिंह
उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने इस मामले में कहा, 'मैं हाइड्रोजन बम और परमाणु बम निर्यात करने की बात कहने पर कड़ी आपत्ति जताता हूं। हमें अपनी न्यायपालिका, चुनाव आयोग और कार्यपालिका पर पूरा भरोसा है। चुनाव आयोग की ईमानदारी पर सवाल उठाना और यह कहना कि सेवानिवृत्ति के बाद भी उन पर कार्रवाई की जाएगी, बेहद गलत है और विपक्ष के नेता को ऐसी बातें कहने का कोई अधिकार नहीं है। न केवल देश, बल्कि हम सभी एकजुट हैं, और इसीलिए हमने इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। कृपया अपने आरोपों में संयम बरतें क्योंकि उनमें कोई दम या तथ्य नहीं है।'
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed