{"_id":"64196c1f5d734ee6410932ce","slug":"amritpal-singh-case-union-minister-rk-singhs-big-claim-said-this-big-thing-about-khalistani-terrorists-2023-03-21","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Amritpal Singh Case: केंद्रीय मंत्री आरके सिंह का बड़ा दावा, खालिस्तानी आतंकवादियों को लेकर कह दी ये बात","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Amritpal Singh Case: केंद्रीय मंत्री आरके सिंह का बड़ा दावा, खालिस्तानी आतंकवादियों को लेकर कह दी ये बात
Tue, 21 Mar 2023 02:04 PM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 21 Mar 2023 02:04 PM IST
सार
भारत में वारिस पंजाब दे संगठन के जत्थेदार और खालिस्तानी अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। इसी कार्रवाई से खालिस्तान समर्थक तमतमाए हुए हैं। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा समेत कई देशों में खालिस्तानी समर्थकों ने भारतीय दूतावासों पर हमला किया।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने किया बड़ा दावा।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने खालिस्तानी समर्थकों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि ये पूरा खालिस्तानी आंदोलन पाकिस्तान से चल रहा है। उन्होंने भारतीय दूतावासों पर हमले को लेकर कहा, 'ऐसा केवल अमेरिका में ही नहीं बल्कि ब्रिटेन में भी हुआ है जब कुछ खालिस्तान समर्थकों ने हमारे देश के झंडे पर हमला किया। अमृतपाल की पूरी चेन को ISI कंट्रोल कर रही है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI आज से नहीं बल्कि पिछले कई सालों से खालिस्तानी आतंकियों को बढ़ा रही है।'
आरके सिंह ने आगे कहा, 'खालिस्तानियों के सिख नेता पाकिस्तान में रहते हैं और आईएसआई कुछ युवाओं को गुमराह करती रहती है। हम उम्मीद करते हैं कि हमारे दूतावास की सुरक्षा में सुधार किया जाना चाहिए और ऐसे आतंकवादी संगठनों को दूसरे देशों में शरण नहीं दी जानी चाहिए।'
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
आरके सिंह ने आगे कहा, 'खालिस्तानियों के सिख नेता पाकिस्तान में रहते हैं और आईएसआई कुछ युवाओं को गुमराह करती रहती है। हम उम्मीद करते हैं कि हमारे दूतावास की सुरक्षा में सुधार किया जाना चाहिए और ऐसे आतंकवादी संगठनों को दूसरे देशों में शरण नहीं दी जानी चाहिए।'
विज्ञापन
अमेरिका में रहने वाले सिखों ने जताया विरोध
लंदन, सैन फ्रांसिस्को समेत कुछ अन्य देशों में स्थित भारतीय दूतावासों पर खालिस्तानियों द्वारा हमलों की खबर से सिख समुदाय में खासा आक्रोश है। अमेरिका में रहने वाले सिख समुदाय के नेताओं ने इसको लेकर विरोध जताया है। सिख नेताओं ने इन घटनाओं की निंदा की और कहा कि खालिस्तानी आंदोलन को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
वाशिंगटन डीसी में रहने वाले सिख नेता जसदीप सिंह ने कहा, 'हम सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास के बाहर हुई किसी भी हिंसा या लंदन में भारतीय ध्वज के अपमान की निंदा करते हैं। हर किसी को विरोध करने का अधिकार है लेकिन यह शांतिपूर्ण होना चाहिए और कोई हिंसा या तोड़फोड़ नहीं होनी चाहिए।'
उन्होंने आगे कहा, 'आप मीडिया में जो कुछ भी देख रहे हैं कि अमेरिका और कनाडा में खालिस्तान आंदोलन चल रहा है, वह सब बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उत्तरी अमेरिका में दस लाख से अधिक सिख रहते हैं और उनमें से केवल 50 भारतीय दूतावास के बाहर विरोध करने के लिए दिखाई देते हैं।'
सिख नेता बालगेंद्र सिंह शमी कहते हैं, 'पंजाब में जो कुछ भी हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं यूनाइटेड किंगडम और सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास में हुई हिंसा की घटना की भी निंदा करता हूं। हम लोकतांत्रिक देश हैं, हमें विरोध करने का पूरा अधिकार है लेकिन यह शांतिपूर्ण होना चाहिए।'
लंदन, सैन फ्रांसिस्को समेत कुछ अन्य देशों में स्थित भारतीय दूतावासों पर खालिस्तानियों द्वारा हमलों की खबर से सिख समुदाय में खासा आक्रोश है। अमेरिका में रहने वाले सिख समुदाय के नेताओं ने इसको लेकर विरोध जताया है। सिख नेताओं ने इन घटनाओं की निंदा की और कहा कि खालिस्तानी आंदोलन को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
वाशिंगटन डीसी में रहने वाले सिख नेता जसदीप सिंह ने कहा, 'हम सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास के बाहर हुई किसी भी हिंसा या लंदन में भारतीय ध्वज के अपमान की निंदा करते हैं। हर किसी को विरोध करने का अधिकार है लेकिन यह शांतिपूर्ण होना चाहिए और कोई हिंसा या तोड़फोड़ नहीं होनी चाहिए।'
उन्होंने आगे कहा, 'आप मीडिया में जो कुछ भी देख रहे हैं कि अमेरिका और कनाडा में खालिस्तान आंदोलन चल रहा है, वह सब बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उत्तरी अमेरिका में दस लाख से अधिक सिख रहते हैं और उनमें से केवल 50 भारतीय दूतावास के बाहर विरोध करने के लिए दिखाई देते हैं।'
सिख नेता बालगेंद्र सिंह शमी कहते हैं, 'पंजाब में जो कुछ भी हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं यूनाइटेड किंगडम और सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास में हुई हिंसा की घटना की भी निंदा करता हूं। हम लोकतांत्रिक देश हैं, हमें विरोध करने का पूरा अधिकार है लेकिन यह शांतिपूर्ण होना चाहिए।'
अब तक क्या-क्या हुआ?
भारत में वारिस पंजाब दे संगठन के जत्थेदार और खालिस्तानी अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। इसी कार्रवाई से खालिस्तान समर्थक तमतमाए हुए हैं। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा समेत कई देशों में खालिस्तानी समर्थकों ने भारतीय दूतावासों पर हमला किया। लंदन में स्थित भारतीय उच्चायोग में प्रदर्शन के दौरान खालिस्तानी समर्थकों ने तिरंगे का अपमान करने की कोशिश की। तोड़फोड़ भी की। इसी तरह अमेरिका के सैन फ्रैंसिस्को में भी भारतीय दूतावास पर खालिस्तानियों ने हमला कर दिया।
भारत में वारिस पंजाब दे संगठन के जत्थेदार और खालिस्तानी अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। इसी कार्रवाई से खालिस्तान समर्थक तमतमाए हुए हैं। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा समेत कई देशों में खालिस्तानी समर्थकों ने भारतीय दूतावासों पर हमला किया। लंदन में स्थित भारतीय उच्चायोग में प्रदर्शन के दौरान खालिस्तानी समर्थकों ने तिरंगे का अपमान करने की कोशिश की। तोड़फोड़ भी की। इसी तरह अमेरिका के सैन फ्रैंसिस्को में भी भारतीय दूतावास पर खालिस्तानियों ने हमला कर दिया।