फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Amrapali transferred crores rupees of buyers to fake companies

आम्रपाली ने खरीदारों के करोड़ों रुपये फर्जी कंपनियों को ट्रांसफर किए

Thu, 25 Oct 2018 02:47 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 25 Oct 2018 02:47 AM IST
विज्ञापन
Amrapali transferred crores rupees of buyers to fake companies

सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त फोरेंसिक ऑडिटर ने बुधवार को शीर्ष अदालत को बताया कि आम्रपाली समूह ने फ्लैट खरीदारों से लिए करोड़ों रुपये फर्जी कंपनियों को ट्रांसफर किए हैं। इनमें से 100 करोड़ से अधिक रकम गौरीसुता इंफ्रास्ट्रक्चर को ट्रांसफर किए गए। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आम्रपाली समूह ने बड़ा फ्रॉड किया है। साथ ही कोर्ट ने समूह के वकीलों को आगाह किया कि वह अपनी दलीलें बार-बार न बदलें, नहीं तो परिणाम गंभीर होंगे। शीर्ष अदालत ने फोरेंसिक ऑडिटर को बृहस्पतिवार तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने कहा है। अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।

विज्ञापन


आम्रपाली के सीएफओ वाधवा की याददाश्त गई

फोरेंसिक ऑडिटर ने जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा और जस्टिस यूयू ललित की पीठ को बताया कि अब तक उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक, गौरीसुता इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक आशीष जैन और विवेक मित्तल हैं। दोनों आम्रपाली समूह के ऑडिटर के रिश्तेदार हैं। साथ ही फोरेंसिक ऑडिटर ने आम्रपाली समूह के ऑडिटर पर बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतने का आरोप लगाया। बताया गया कि समूह की ओर से ऑडिटर को फ्लैट भी मिले हैं। फोरेंसिक ऑडिटर ने पीठ को बताया कि उन्होंने समूह के सीएफओ चंदर वाधवा से भी बातचीत की, लेकिन वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। सीएफओ का कहना है कि उन्हें समूह के वित्तीय लेन-देन याद नहीं हैं। सीएफओ का कहना है कि वह अपनी याददाश्त खो बैठे हैं।
विज्ञापन


खरीदारों से ली रकम प्रोजेक्ट्स के लिए पर्याप्त 

फोरेंसिक ऑडिटर के मुताबिक, ‘फ्लैट खरीदारों से ली गई रकम प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। समूह को दूसरी जगह से रकम लेने की जरूरत नहीं है। समूह ने कई दस्तावेज अब तक उपलब्ध नहीं कराए हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के सात में से छह परिसरों से दस्तावेजों को सूचीबद्ध कर लिया गया है, जबकि सातवें परिसर में रखे दस्तावेजों को सूचीबद्ध करने का काम एक-दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा। बिहार के राजगीर वाले परिसर में रखे दस्तावेजों को सूचीबद्ध कर लिया गया है। बक्सर का काम पूरा नहीं हो सका है।’

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed