फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Amitabh Kant said problem of Maoism terrorism in country is dangerous

अमिताभ कांत बोले- देश में माओवाद-आतंकवाद की समस्या खतरनाक, आईएएस लीना नंदन की पुस्तक हू आर दीज पीपुल का विमोचन

Sat, 08 Jul 2023 05:37 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Sat, 08 Jul 2023 05:37 AM IST
सार

विमोचन के बाद पुस्तक पर गंभीर परिचर्चा भी हुई। अमिताभ कांत के साथ इसमें बतौर पैनलिस्ट आईएएस गौरी सिंह व जगमोहन गुप्ता और आईपीएस शिव एम सहाय ने शिरकत की। सभी ने किताब की सराहना की। अमिताभ कांत ने कहा कि पर्यटन मंत्रालय में काम करने के दौरान से वह लीना को जानते हैं।

विज्ञापन
Amitabh Kant said problem of Maoism terrorism in country is dangerous
अमिताभ कांत - फोटो : ANI

विस्तार

देश में माओवाद व आतंकवाद की समस्या कितनी गहरी व खतरनाक है और इससे निपटने के लिए किस तरह के ठोस प्रयास हुए हैं, इनका जीवंत चित्रण ‘हू आर दीज पीपुल’ नाम की पुस्तक में है। यह भविष्य में नेटफ्लिक्स और अमेजॉन के लिए एक जुनूनी व रोमांचक वेब सीरीज का कंटेंट मुहैया कराती है। नीति आयोग के पूर्व सीईओ व जी-20 शेरपा अमिताभ कांत शुक्रवार को सेवानिवृत्त आईएएस लीना नंदन की पुस्तक के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में मौजूदा व पूर्व प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

विज्ञापन

डायनमिक अफसर हैं लीना
विमोचन के बाद पुस्तक पर गंभीर परिचर्चा भी हुई। अमिताभ कांत के साथ इसमें बतौर पैनलिस्ट आईएएस गौरी सिंह व जगमोहन गुप्ता और आईपीएस शिव एम सहाय ने शिरकत की। सभी ने किताब की सराहना की। अमिताभ कांत ने कहा कि पर्यटन मंत्रालय में काम करने के दौरान से वह लीना को जानते हैं। वह डायनमिक अफसर व गायिका रही हैं। अब बड़ी लेखिका के तौर पर उनके व्यक्तित्व का नया रूप देखने काे मिला है। उन्होंने एक ऐसी बेहतर किताब लिखी है, जो रहस्य से भरपूर है और ढेरों मजबूत चरित्र इसमें शामिल हैं।

विज्ञापन

गौरी सिंह ने कहा- इसका शीर्षक आकर्षक 
आतंकवाद और माओवाद क्या है, इसे खत्म करने की रणनीति किस तरह से बनाई गई और इसके खिलाफ कैसे कामयाब ऑपरेशन चलाए गए, सब-कुछ उन्होंने बड़े नाटकीय तरीके से लिखा है। शिव एस सहाय ने कहा कि यह किताब आखिर तक पढ़ने पर ऐसा लगता है कि अब कुछ होने वाला है, लेकिन अंत में कुछ और ही होता है। गौरी सिंह ने कहा कि इसका शीर्षक आकर्षक है। इसके चरित्र मल्टी लेयर हैं। जगमोहन गुप्ता ने कहा कि लीना ने अपनी किताब के माध्यम से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का रीयूनियन कराया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed