फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Amit Shah releases reference books on newly passed criminal justice laws

New Criminal Laws: अमित शाह ने नए आपराधिक न्याय कानूनों पर जारी कीं संदर्भ पुस्तकें, प्रकाशकों को सराहा

Sat, 30 Dec 2023 09:27 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 30 Dec 2023 09:27 PM IST
सार

New Criminal Laws: हाल ही में लागू किए गए तीन नए आपराधिक न्याय कानूनों से जुड़ी संदर्भ पुस्तकों का केंद्रीय गृहमंत्री ने विमोचन किया। उहोंने कानून में किए गए बदलावों को संक्षिप्त और आसान तरीके से पाठकों के सामने लाने के लिए प्रकाशकों की सराहना की। 

विज्ञापन
Amit Shah releases reference books on newly passed criminal justice laws
नए आपराधिक कानूनों पर संदर्भ पुस्तक लॉन्च करते केंद्रीय गृहमंत्री। - फोटो : एक्स/अमित शाह

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को हाल ही में लागू किए गए आपराधिक न्याय कानूनों से जुड़ी 12 संदर्भ पुस्तकों का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पुस्तकों में कानूनों में किए गए बदलावों को संक्षिप्त और सरल तरीके से स्पष्ट रूप से सामने लाया गया है। उन्होंने तीनों कानूनों पर संदर्भ पुस्तकों के लिए प्रकाशकों की सराहना की और कहा कि ये किताबें आसानी से समझने के लिए मामलों के उदाहरण भी देती हैं। 

विज्ञापन

तीन नए कानूनों भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को पिछले सप्ताह संसद की मंजूरी मिली थी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 25 दिसंबर को अपनी सहमति दी थी। ये कानून औपनिवेशिक काल की भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह लेंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

शाह ने 'एक्स' पर लिखा, 'मैं मोहन लॉ हाउस को नए क्रांतिकारी आपराधिक न्याय कानूनों से संबंधित संदर्भ पुस्तकों को रिकॉर्ड कम समय में प्रकाशित करने के लिए बधाई देता हूं।' उन्होंने कहा कि इन कानून की किताबों में विभिन्न प्रावधानों को आसानी से समझने के लिए उपयोगकर्ता (यूजर्स) के अनुकूल तुलनात्मक संदर्भ हैं और नए कानूनों में लाए गए बदलावों को भी उजागर किया गया है।

विज्ञापन

गृह मंत्री ने कहा कि दुष्कर्म जैसे महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध आईपीसी की धारा 375 के तहत आते थे लेकिन अब यह नए कानून की धारा 63 में है। हत्या जैसा गंभीर अपराध आईपीसी की धारा 300 के तहत था, लेकिन अब नए कानून में धारा 101 के तहत आता है। उन्होंने कहा, 'मैं पब्लिशिंग हाउस के प्रबंध निदेशक डॉ. विनय आहूजा को धन्यवाद देता हूं। हमारे कानून के प्रति उत्साही और दिग्गजों के लाभ के लिए आज पुस्तकों को लॉन्च करने में खुशी हो रही है।'

एक अन्य पोस्ट में शाह ने प्रकाशन कंपनी लेक्सिस नेक्सिस के प्रबंध निदेशक उदित माथुर और बिक्री निदेशक महेंद्र चतुर्वेदी को तुरंत किताबें जारी करने के लिए बधाई दी और कहा कि नई प्रकाशित पुस्तकें कानूनों की प्रभावी समझ को बढ़ाएंगी। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'हाल ही में पारित तीन ऐतिहासिक आपराधिक न्याय कानूनों पर संदर्भ पुस्तकों को लॉन्च करते हुए खुशी हो रही है। कानून की इन तीन किताबों में सभी हितधारकों के लाभ के लिए नए कानूनों में किए गए सभी बदलावों को बहुत सरल तरीके से सामने लाया गया है।' एक अन्य पोस्ट में गृह मंत्री ने ईस्टर्न बुक कंपनी के निदेशक सुरेंद्र मलिक और वरिष्ठ सहयोगी संपादक भूमिका इंदुलिया को तेजी से किताबें लिखने के लिए तहेदिल से धन्यवाद दिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed