{"_id":"5c2e3e66bdec2256ac5030b7","slug":"amit-shah-meets-maharasthra-bjp-mps-over-shivsena-issue","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमित शाह की सांसदों के साथ बैठक, कहा- शिवसेना को उसी के अंदाज में न दें जवाब","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अमित शाह की सांसदों के साथ बैठक, कहा- शिवसेना को उसी के अंदाज में न दें जवाब
Thu, 03 Jan 2019 10:25 PM IST
संदीप भट्ट
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संदीप भट्ट
Updated Thu, 03 Jan 2019 10:25 PM IST
विज्ञापन
अमित शाह
- फोटो : PTI
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र के पार्टी के सांसदों के साथ बैठक की। बैठक में भाजपा अध्यक्ष ने सांसदों से कहा कि शिवसेना भले ही विपरीत भाषा का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन भाजपा के सांसदों, नेताओं को इसमें संयम बरतना चाहिए। शिवसेना के खिलाफ भाजपा के नेता बयानबाजी न करें और भाषा पर नियंत्रण रखें।
सूत्र बताते हैं कि भाजपा अध्यक्ष ने सांसदों को एकता बनाए रखने, पार्टी के पक्ष में केन्द्र और राज्यसरकार की नीतियों का जनता के बीच में प्रचार, प्रसार मंत्र दिया। भाजपा अध्यक्ष ने महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव 2019 में अच्छा प्रदर्शन करने का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि शिवसेना महाराष्ट्र में भाजपा का पुराना सहयोगी दल है। हम मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं और लोकसभा चुनाव में इसकी संभावना खत्म नहीं हुई है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यदि किसी कारणवश महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के बीच तालमेल नहीं बन पाता तो पार्टी को राज्य में अकेले चुनाव लडऩे से कोई परहेज नहीं है। इसलिए बूथ स्तर से लेकर हर स्तर पर मुकम्मल जमीनी तैयारी की जानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूत्र बताते हैं कि भाजपा अध्यक्ष ने सांसदों को एकता बनाए रखने, पार्टी के पक्ष में केन्द्र और राज्यसरकार की नीतियों का जनता के बीच में प्रचार, प्रसार मंत्र दिया। भाजपा अध्यक्ष ने महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव 2019 में अच्छा प्रदर्शन करने का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि शिवसेना महाराष्ट्र में भाजपा का पुराना सहयोगी दल है। हम मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं और लोकसभा चुनाव में इसकी संभावना खत्म नहीं हुई है।
विज्ञापन
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यदि किसी कारणवश महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के बीच तालमेल नहीं बन पाता तो पार्टी को राज्य में अकेले चुनाव लडऩे से कोई परहेज नहीं है। इसलिए बूथ स्तर से लेकर हर स्तर पर मुकम्मल जमीनी तैयारी की जानी चाहिए।
विज्ञापन