Amit Shah In Lok Sabha: गृहमंत्री ने संसद में विपक्ष की हर बात का दिया जवाब, 10 ग्राफिक्स में पढ़िए बड़ी बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में करीब एक घंटे 14 मिनट का भाषण दिया। इसी साल 22 अप्रैल को हुआ पहलगाम आतंकी हमला और दहशतगर्दों के नौ ठिकानों को नेस्तनाबूद करने के लिए 6-7 मई की दरम्यानी रात भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर पर हुई इस चर्चा में शाह ने आतंकवाद को लेकर सरकार का रुख साफ किया। गृह मंत्री शाह ने किन प्रमुख बिंदुओं पर अपनी बात रखी? 10 ग्राफिक्स में समझिए
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में करीब एक घंटे 14 मिनट के भाषण में पहलगाम आतंकी हमला, 6-7 मई की दरम्यानी रात भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर और 28 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में कायराना आतंकी हमला करने वाले दहशतगर्दों को मारने के लिए चलाए गए ऑपरेशन महादेव पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए अपनाई जा रही नीति को भी स्पष्ट किया। शाह ने विपक्षी पार्टी की तरफ से पूछे जाने वाले सवालों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। इन 10 ग्राफिक्स में जानिए, गृह मंत्री शाह ने किन प्रमुख बिंदुओं को अपने वक्तव्य में शामिल किया।
पोटा अधिनियम पर कांग्रेस सरकार से तीखे सवाल
शाह ने कहा कि 2004 में सत्ता में आने के बाद मनमोहन सिंह की सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही आतंकवाद निरोधक अधिनियम (पोटा) को समाप्त कर दिया था। उन्होंने कहा, 'देश को यह जानने का हक है कि कांग्रेस द्वारा पोटा को निरस्त करने से किसे फायदा हुआ? जो लोग पोटा का विरोध कर रहे हैं, वे कभी भी नरेंद्र मोदी की आतंकवाद विरोधी नीतियों की सराहना नहीं करेंगे।'
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद जड़ से खत्म
उन्होंने आंकड़ों के जरिए भी विपक्षी दलों को आइना दिखाया। गृह मंत्री शाह ने दावा किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में अपनाई गई नीतियों के कारण जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद जड़ से खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब पड़ोसी देश जम्मू-कश्मीर के अशांत करने के लिए दहशतगर्द भेज रहे हैं।
(खबर अपडेट की जा रही है)


रक्षा मंत्री ने दिया था पहला जवाब
बता दें कि इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को लोकसभा में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना की कार्रवाई- ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की शुरुआत करते हुए सरकार की तरफ से पहले वक्ता के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की सेना ने पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने में पूरी सफलता पाई है। उन्होंने ये भी साफ किया कि भारतीय सेना को किसी भी तरह की सैन्य क्षति नहीं हुई है। राजनाथ सिंह ने विपक्षी दलों को भी आड़े हाथों लिया।
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उन्होंने सभी सवालों के जवाब दिए और कहा कि संसद को एक सुर में देश की सेना के पराक्रम को सलाम करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश की नीति को रेखांकित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, 'वर्ष 2015 में जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने लाहौर जाकर नवाज शरीफ से मुलाक़ात की, तो भारत ने फिर से दोस्ती का हाथ बढ़ाया था। हम वाकई शांति की राह पर चलना चाहते थे क्योंकि हमारी मूल प्रकृति बुद्ध की है, न की युद्ध की।'
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में इसी साल 22 अप्रैल को हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने 6-7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। पाकिस्तानी सीमा के भीतर दहशतगर्दों के पनाहगाह को नेस्तनाबूद करने के बाद भारत के सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों ने 33 देशों की राजधानियों का दौरा कर पाकिस्तान और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों को बेनकाब किया।
शिष्टमंडलों ने अल्जीरिया, डेनमार्क, ब्रिटेन, इथियोपिया, फ्रांस, इटली जैसे देशों में भारत का पक्ष मजबूती से रखा। ग्रीस, बहरीन, कतर, रूस, जापान और यूएई जैसे देशों में भी दहशतगर्दों के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति बताई गई। वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की कूटनीतिक मुहिम के तहत अलग-अलग दलों में शामिल 51 सांसदों के अलावा कई राजनयिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजनयिकों ने पाकिस्तानी दुष्प्रचार को धराशायी किया। अब संसद के मानसून सत्र में पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तृत चर्चा हुई।