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Amit Shah: 'हिंदी-क्षेत्रीय भाषाओं में कोई प्रतिस्पर्धा नहीं', अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में बोले अमित शाह
Sat, 14 Sep 2024 02:44 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 14 Sep 2024 02:44 PM IST
सार
अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों से दुनिया को हिंदी में संबोधित कर हिंदी के प्रति स्वीकार्यता बढ़ाई है।
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अमित शाह
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज चौथे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में शामिल हुए। उन्होंने इस सम्मेलन में हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं है। अमित शाह ने हिंदी को सभी क्षेत्रीय भाषाओं का दोस्त बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी और सभी क्षेत्रीय भाषा एक-दूसरे के पूरक हैं।
अमित शाह ने कहा, "कई लोगों का कहना है कि हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के बीच प्रतिस्पर्धा है। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं है, क्योंकि हिंदी सभी क्षेत्रीय भाषाओं की दोस्त है। हिंदी और क्षेत्रीय भाषाएं एक दूसरे के पूरक हैं। हमने फैसला किया कि हम हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के बीच संबंधों को मजबूत बनाएंगे। प्रत्येक लेख, भाषण या साहित्यिक कृति जो हिंदी में है, उन सभी का अनुवाद क्षेत्रीय भाषाओं में किया जाएगा और इसके विपरीत क्षेत्रीय भाषाओं का अनुवाद हिंदी में होगा। मुझे लगता है कि यह समय की मांग है।"
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों से दुनिया को हिंदी में संबोधित कर हिंदी के प्रति स्वीकार्यता बढ़ाई है। उन्होंने आगे कहा, "जब अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र को हिंदी में संबोधित किया था तो पूरी दुनिया आश्चर्यचकित हो गई थी। आज हम संयुक्त राष्ट्र की भाषा और 10 से अधिक देशों की दूसरी प्रमुख भाषा बन गए हैं। हिंदी अब अंतरराष्ट्रीय भाषा बनने की राह में है।"
बता दें कि इससे पहले अमित शाह ने आज हिंदी दिवस के मौके पर खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारे सभी राज्यों की भाषाओं के लिए हिंदी बहुत महत्वपूर्ण है। पिछले 10 वर्षों में पीएम मोदी के नेतृत्व में हिंदी और स्थानीय भाषाओं को मजबूत करने के लिए काफी काम किया गया है।
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अमित शाह ने कहा, "कई लोगों का कहना है कि हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के बीच प्रतिस्पर्धा है। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं है, क्योंकि हिंदी सभी क्षेत्रीय भाषाओं की दोस्त है। हिंदी और क्षेत्रीय भाषाएं एक दूसरे के पूरक हैं। हमने फैसला किया कि हम हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के बीच संबंधों को मजबूत बनाएंगे। प्रत्येक लेख, भाषण या साहित्यिक कृति जो हिंदी में है, उन सभी का अनुवाद क्षेत्रीय भाषाओं में किया जाएगा और इसके विपरीत क्षेत्रीय भाषाओं का अनुवाद हिंदी में होगा। मुझे लगता है कि यह समय की मांग है।"
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#WATCH | Delhi: At the inaugural session of the 4th Akhil Bharatiya Rajbhasha Sammelan, Union Home Minister Amit Shah says, "... Many people are promoting that Hindi is in a competition with the regional languages. I want to clarify that there can never be a competition between… pic.twitter.com/g7anGJgRcE
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 14, 2024
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों से दुनिया को हिंदी में संबोधित कर हिंदी के प्रति स्वीकार्यता बढ़ाई है। उन्होंने आगे कहा, "जब अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र को हिंदी में संबोधित किया था तो पूरी दुनिया आश्चर्यचकित हो गई थी। आज हम संयुक्त राष्ट्र की भाषा और 10 से अधिक देशों की दूसरी प्रमुख भाषा बन गए हैं। हिंदी अब अंतरराष्ट्रीय भाषा बनने की राह में है।"
बता दें कि इससे पहले अमित शाह ने आज हिंदी दिवस के मौके पर खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारे सभी राज्यों की भाषाओं के लिए हिंदी बहुत महत्वपूर्ण है। पिछले 10 वर्षों में पीएम मोदी के नेतृत्व में हिंदी और स्थानीय भाषाओं को मजबूत करने के लिए काफी काम किया गया है।