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Water Crisis: देश के जलाशयों में बचा सिर्फ 21 फीसदी पानी, केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट में चौंकाने वाले दावे

Fri, 21 Jun 2024 04:35 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Fri, 21 Jun 2024 04:35 PM IST
सार

Water Crisis: केंद्रीय जल आयोग की हालिया रिपोर्ट में कुछ ऐसे आंकड़े सामने आए हैं, जो सभी की चिंताएं बढ़ा सकते हैं। जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार देश के 150 मुख्य जलाशयों में पानी घटकर महज 21 प्रतिशत रह गया है।

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Amid scorching summer, water available in 150 main reservoirs further dips to 21 percent
देश में गहराया जल संकट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

देश में भीषण गर्मी ने जहां लोगों के पसीने छुड़ाए हुए हैं, वहीं पानी के स्त्रोतों को भी सुखा दिया है। केंद्रीय जल आयोग की हालिया रिपोर्ट में कुछ ऐसे आंकड़े सामने आए हैं, जो सभी की चिंताएं बढ़ा सकते हैं। जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार देश के 150 मुख्य जलाशयों में पानी घटकर महज 21 प्रतिशत रह गया है। जलविद्युत परियोजनाओं और जल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले इन जलाशयों की संयुक्त भंडारण क्षमता 178.784 अरब क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है, जो देश की कुल जल भंडारण क्षमता का लगभग 69.35 प्रतिशत है।

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जलाशयों में जल भंडारण क्षमता घटी
गुरुवार तक, इन जलाशयों में उपलब्ध भंडारण 37.662 बीसीएम है, जो उनकी कुल क्षमता का 21 प्रतिशत है। कुल मिलाकर, 150 जलाशयों में उपलब्ध लाइव स्टोरेज 257.812 बीसीएम की अनुमानित कुल क्षमता के मुकाबले 54.310 बीसीएम है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के आंकड़ों से कम है।  केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट में बताया गया है कि जलाशयों में मौजूदा भंडारण बीते दस वर्षों के औसत भंडारण से भी कम है। दो सप्ताह में पहले जलाशयों में कुल भंडारण करीब 22 प्रतिशत था, जबकि उससे एक सप्ताह पहले यह 23 प्रतिशत था।
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कहां-कितनी जल भंडारण क्षमता, कितनी आई कमी?

  • आयोग की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर और पूर्वी भारत में भीषण गर्मी की वजह से दिल्ली समेत देश के कई क्षेत्रों में जल संकट देखने को मिल रहा है। जलाशयों में जल भंडारण पर नजर डालें तो दक्षिण भारत के राज्यों पर इसका गहरा असर पड़ा है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में मौजूद 42 जलाशयों की कुल क्षमता 53.334 बीसीएम है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार इन जलाशयों में उपलब्ध भंडारण अब  8.508 बीसीएम रह गया है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 21 प्रतिशत कम है। 
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  • उत्तर भारत की बात करें हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान में मौजूद कुल 10 जलाशयों में कुल मिलाकर 19.663 बीसीएम जल भंडारण क्षमता है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार इन जलाशयों में मौजूदा जल भंडारण 5.488 बीसीएम रह गया है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 39 प्रतिशत कम है। 
  • पूर्वोत्तर राज्यों की बात करें तो असम, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, नगालैंड और बिहार के 23 जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 20.430 बीसीएम है। इन जलाशयों में मौजूदा जल भंडारण 3.873 बीसीएम रह गया है, जो कि कुल क्षमता का 19 प्रतिशत है। हालांकि पिछले वर्ष 18 प्रतिशत के मुकाबले इन 23 जलाशयों में जल भंडारण थोड़ा सा बढ़ा है। 
  • भारत के पश्चिमी राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र में कुल मिलाकर 49 जलाशय हैं। इनकी जल भंडारण क्षमता 37.130 बीसीएम है। इन 49 जलाशयों में मौजूदा जल भंडारण 7.608 बीसीएम रह गया है। यह भंडारण पिछले वर्ष 24 प्रतिशत के मुकाबले घटकर 20.49 प्रतिशत पर आ गया है।  
  • इसी तरह उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में मौजूद कुल 26 जलाशयों की कुल जल भंडारण क्षमता 48.227 बीसीएम है। मौजूदा स्थिति की बात करें तो इन 26 जलाशयों में 12.185 बीसीएम जल भंडारण है। यह भंडारण पिछले वर्ष 32 प्रतिशत के मुकाबले घटकर 25 प्रतिशत पर आ गया है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार देश के सभी जलाशयों की जल भंडारण क्षमता में पिछले वर्ष के मुकाबले कमी देखने को मिली है।  
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