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Military Airfields: लक्षद्वीप में दो सैन्य हवाई क्षेत्र तैयार करेगा भारत, चीन की बढ़ती गतिविधियों पर रहेगी नजर

Thu, 18 Jul 2024 10:11 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Thu, 18 Jul 2024 10:11 PM IST
सार

Military Airfields: चीन की बढ़ती गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भारत ने लक्षद्वीप में दो सैन्य हवाई क्षेत्र तैयार करने की योजना पर मुहर लगा दी है। दरअसल, इस क्षेत्र में चीन लगातार अपने पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

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Amid rising Chinese activities, India clears major plans to build two military airfields in Lakshadweep
सैन्य हवाई क्षेत्र - फोटो : ANI

विस्तार

भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को लगातार मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है। इस दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। चीन की बढ़ती गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भारत ने लक्षद्वीप में दो सैन्य हवाई क्षेत्र तैयार करने की योजना पर मुहर लगा दी है। दरअसल, इस क्षेत्र में चीन लगातार अपने पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।    

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तीनों सेनाओं के प्रस्ताव को मिली मंजूरी
रक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने गुरुवार को इसे लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में लक्षद्वीप में दो सैन्य हवाई क्षेत्रों की कार्ययोजना पर मुहर लगा दी गई। आगे बताया गया है कि लक्षद्वीप के मिनिकॉय और अगात्ती द्वीपों में इस कार्ययोजना को अंजाम दिया जाएगा। मिनिकॉय द्वीप पर नए एयरबेस की स्थापना की जाएगी, जबकि अगात्ती द्वीप में मौजूदा हवाई क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा। सैन्य मामलों के विभाग के नेतृत्व में तीनों सेनाओं के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
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यहां लगातार पहुंच बढ़ा रहा है चीन 
खास बात यह है कि इन हवाई क्षेत्रों का इस्तेमाल वाणिज्यिक उड़ानों के लिए भी किया जाएगा। इसके अलावा इन हवाई क्षेत्रों में  लंबी दूरी के ड्रोन समेत सभी प्रकार के लड़ाकू विमान और परिवहन विमानों को संचालित किया जाएगा। इस तरह से भारतीय सुरक्षा बलों की भी ताकत बढ़ेगी। दरअसल इस क्षेत्र में चीन की चहलकदमी बढ़ रही है। समुद्री क्षेत्र में चीन की नौसेना द्वारा पाकिस्तान की नौसेना के साथ मिलकर अपनी पहुंच को बढ़ाया जा रहा है। इस परियोजना का नेतृत्व भारतीय वायु सेना द्वारा किया जाएगा। सैन्य हवाई क्षेत्रों का उपयोग भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना के अलावा भारतीय तटरक्षक बल द्वारा किया जाएगा। 
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भारतीय वायु सेना करेगी कार्ययोजना का नेतृत्व
आपको बता दें कि मिनिकॉय द्वीप में हवाई पट्टी तैयार करने का सुझाव भारतीय तटरक्षक बल द्वारा रक्षा मंत्रालय को दिया गया था। अब कार्ययोजना के अनुसार, भारतीय वायुसेना मिनिकॉय द्वीप के संचालन का नेतृत्व करेगी। मिनिकॉय द्वीप इसलिए भी खास है क्योंकि यहां से भारतीय सैन्य बलों को समुद्र की निगरानी में भी मदद मिलेगी। खास बात यह भी कि यहां एयरबेस बनने से पर्यटन भी बढ़ेगा। केंद्र सरकार ने पहले भी लक्षद्वीप में पर्यटन बढ़ाने पर जोर दिया है।

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