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एक्सप्लेनर: उत्तर भारत से विदा होते मानसून के बीच अचानक क्यों बदला मौसम, यूपी-एमपी और पूरे देश का क्या हाल?
Sat, 26 Sep 2026 03:38 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sat, 26 Sep 2026 03:38 PM IST
सार
उत्तर भारत से विदाई के बीच मानसून फिर सक्रिय। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश समेत 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट।
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मौसम विभाग का अलर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत में दक्षिण-पश्चिमी मानसून खत्म होने को है। हालांकि, जाते-जाते बंगाल की खाड़ी में जो मौसमी प्रणाली बन रही है, वह उत्तर भारत में भारी बारिश की वजह बनती जा रही है। अगले दो दिन 20 से ज्यादा राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। जिन राज्यों में मौसम में नमी फिर से लौटी है, उनमें हिमाचल प्रदेश से लेकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ तक शामिल हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि यह वो समय है, जब भारत के अधिकतर हिस्सों से मानसून की विदाई शुरू हो गई है। पश्चिमी भारत- राजस्थान-गुजरात और उत्तर भारत- हरियाणा-दिल्ली के एक बड़े हिस्से से मानसून की विदाई भी हो चुकी है। हालांकि, अब इन राज्यों में मौसम विभाग की तरफ से भारी बारिश का अलर्ट जारी होना अपने आप में कौतूहल पैदा करने वाला है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि मौजूदा समय में किन राज्यों में मौसम में बदलाव हुआ है? आगे किन राज्यों में बारिश के क्या हाल रहने वाले हैं? मानसून की विदाई के दौरान ऐसी मौसमी प्रणाली बनने की वजह क्या है? इसका असर क्या होगा? आइये जानते हैं...
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चौंकाने वाली बात यह है कि यह वो समय है, जब भारत के अधिकतर हिस्सों से मानसून की विदाई शुरू हो गई है। पश्चिमी भारत- राजस्थान-गुजरात और उत्तर भारत- हरियाणा-दिल्ली के एक बड़े हिस्से से मानसून की विदाई भी हो चुकी है। हालांकि, अब इन राज्यों में मौसम विभाग की तरफ से भारी बारिश का अलर्ट जारी होना अपने आप में कौतूहल पैदा करने वाला है।
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ऐसे में यह जानना अहम है कि मौजूदा समय में किन राज्यों में मौसम में बदलाव हुआ है? आगे किन राज्यों में बारिश के क्या हाल रहने वाले हैं? मानसून की विदाई के दौरान ऐसी मौसमी प्रणाली बनने की वजह क्या है? इसका असर क्या होगा? आइये जानते हैं...
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किन राज्यों में हालिया समय में मौसम में क्या बदलाव हुआ है?
उत्तर प्रदेश: राज्य में मूसलाधार और अत्यधिक भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है और लखनऊ, बांदा, बहराइच समेत कई जिलों में कक्षा 12 तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने राज्य में रेड अलर्ट और जलभराव व बाढ़ की चेतावनी जारी की है।उत्तराखंड: यहां भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
दिल्ली-एनसीआर: 23 सितंबर को मानसून की विदाई के बावजूद नए मौसम तंत्र की वजह से हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और ठंडी हवाओं के साथ मौसम सुहावना हो गया और 26 सितंबर को यलो अलर्ट जारी किया गया। आने वाले दिनों में भी मौसम कुछ इस तरह का रहने के आसार हैं।
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मानसून की विदाई की पारंपरिक टाइमलाइन।
- फोटो : अमर उजाला
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश: डिप्रेशन के सीधे प्रभाव से भारी बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते छत्तीसगढ़ में स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी।
ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम: डिप्रेशन के कारण बहुत भारी बारिश दर्ज की गई तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जैसे इलाकों में भूस्खलन हुआ।
हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और पूर्व राजस्थान: इन राज्यों में भी भारी बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया।
बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना: इन राज्यों के विभिन्न हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी दर्ज की गई।
पूर्वोत्तर राज्य: असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में भी कई क्षेत्रों में व्यापक बारिश का अनुमान जताया गया है।
ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम: डिप्रेशन के कारण बहुत भारी बारिश दर्ज की गई तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जैसे इलाकों में भूस्खलन हुआ।
हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और पूर्व राजस्थान: इन राज्यों में भी भारी बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया।
बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना: इन राज्यों के विभिन्न हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी दर्ज की गई।
पूर्वोत्तर राज्य: असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में भी कई क्षेत्रों में व्यापक बारिश का अनुमान जताया गया है।
मानसून की विदाई के दौरान ऐसी मौसमी प्रणाली बनने की वजह क्या है?
मानसून की विदाई के दौरान इस तरह की तीव्र बारिश और मौसमी बदलाव की मुख्य वजह दो शक्तिशाली मौसमी प्रणालियों का एक साथ सक्रिय होना और आपस में मिलना है।1. बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन (उच्च दवाब का क्षेत्र) का बनना
बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक गहरा दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ, जो ओडिशा और छत्तीसगढ़ से होता हुआ उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश की ओर बढ़ा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह प्रणाली चलते हुए नल (रनिंग टैप) की तरह काम कर रही है, जो बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी खींचकर वायुमंडल में भेज रही है और वर्षा की स्थिति पैदा करने वाले बादलों को बार-बार रीचार्ज कर रही है।
2. पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता
इसी समय उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों और मध्य क्षोभमंडल के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ भी मौजूद है। बीते एक हफ्ते से इसकी ठंडी हवाओं का पूर्व की तरफ बढ़ना जारी था।
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3. दोनों प्रणालियों का संगम
जब बंगाल की खाड़ी से आई नमी वाली हवाएं और उत्तर-पश्चिम से आया पश्चिमी विक्षोभ आपस में मिल रहे हैं, तो इनके संयुक्त प्रभाव से उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश, आंधी और बिजली कड़कने की गतिविधियां तेज हो गईं।
4. मानसून की विदाई पर अस्थायी रोक
इस स्थिति के चलते उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी थी, लेकिन बंगाल की खाड़ी की इस प्रणाली ने वायुमंडल में नमी का स्तर दोबारा बढ़ा दिया, जिससे मानसून की आगे की विदाई पर करीब एक हफ्ते का अस्थायी ब्रेक लग गया है।
मौसम विभाग और मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में अगले दो से पाच दिनों तक (सितंबर के अंत तक) बारिश का दौर बना रहेगा। हालांकि, अक्तूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने लगेगा।
जब बंगाल की खाड़ी से आई नमी वाली हवाएं और उत्तर-पश्चिम से आया पश्चिमी विक्षोभ आपस में मिल रहे हैं, तो इनके संयुक्त प्रभाव से उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश, आंधी और बिजली कड़कने की गतिविधियां तेज हो गईं।
4. मानसून की विदाई पर अस्थायी रोक
इस स्थिति के चलते उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी थी, लेकिन बंगाल की खाड़ी की इस प्रणाली ने वायुमंडल में नमी का स्तर दोबारा बढ़ा दिया, जिससे मानसून की आगे की विदाई पर करीब एक हफ्ते का अस्थायी ब्रेक लग गया है।
अब भारत में कहां-कितने दिनों तक बारिश का मौसम रहने की अनुमान?
मौसम विभाग और मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में अगले दो से पाच दिनों तक (सितंबर के अंत तक) बारिश का दौर बना रहेगा। हालांकि, अक्तूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने लगेगा।
मौसम विभाग का अलर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
1. उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत (2 से 3 दिन)
2. मध्य और पूर्वी भारत (2 से 4 दिन)
ये भी पढ़ें: एमपी में मानसून की विदाई से पहले मूसलधार बारिश: चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट, दो जिलों के स्कूल में छुट्टी
- उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 26 से 28 सितंबर तक भारी से बेहद भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। उत्तराखंड में 28 सितंबर तक पर्वतीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। 28 सितंबर के बाद से बारिश की तीव्रता में कमी आएगी।
- दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब के क्षेत्रों में 26 और 27 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 28 सितंबर (सोमवार) से मौसम शुष्क होने लगेगा।
- हिमाचल प्रदेश में 26 से 28 सितंबर के दौरान भारी बारिश और आंधी-तूफान का दौर जारी रह सकता है।
2. मध्य और पूर्वी भारत (2 से 4 दिन)
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में डिप्रेशन के कारण बने सिस्टम का मुख्य असर 27 सितंबर तक रहेगा। इसके बाद 28 सितंबर से 1 अक्तूबर के बीच केवल कुछ स्थानों पर हल्की से छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी।
- बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 26 सितंबर तक भारी बारिश के बाद 27 सितंबर से 1 अक्तूबर के दौरान बारिश की गतिविधि धीमी पड़ जाएगी और केवल हल्की से मध्यम बौछारें पड़ेंगी।
ये भी पढ़ें: एमपी में मानसून की विदाई से पहले मूसलधार बारिश: चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट, दो जिलों के स्कूल में छुट्टी
3. पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत (4 से 5 दिन)
पूर्वोत्तर राज्य- असम, मेघालय, अरुणाचल, नागालैंड, मणिपुर आदि में 27 सितंबर से 30 सितंबर या 1 अक्तूबर तक कई क्षेत्रों में विस्तृत और कहीं-कही छिटपुट बारिश जारी रहने की अनुमान है।
4. दक्षिण भारत
तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु में 27 से 30 सितंबर तक अलग-अलग हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
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पूर्वोत्तर राज्य- असम, मेघालय, अरुणाचल, नागालैंड, मणिपुर आदि में 27 सितंबर से 30 सितंबर या 1 अक्तूबर तक कई क्षेत्रों में विस्तृत और कहीं-कही छिटपुट बारिश जारी रहने की अनुमान है।
4. दक्षिण भारत
तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु में 27 से 30 सितंबर तक अलग-अलग हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
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कब से खत्म होगा बारिश का यह दौर, मानसून की विदाई कब तक?
- उत्तर भारत समेत पूरे देश में बारिश का यह दौर 28 सितंबर से धीमा पड़ेगा और 30 सितंबर तक मौसम पूरी तरह साफ होने की अनुमान है।
- उत्तरी मैदानी इलाकों में एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने के साथ 2 अक्तूबर के आसपास से मानसून की विदाई दोबारा शुरू होगी।
- मध्य और पूर्वी भारत के अलावा देश के बचे हुए हिस्सों से मानसून की पूर्ण वापसी 10 अक्तूबर तक होने का अनुमान है।