कंपनी कानून में संशोधन पर संसद कर रही विचार, एमएसएमई को होगा फायदा
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वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि कंपनी कानून, 2013 में संशोधन होने के बाद एमएसएमई क्षेत्र को फंड मिलना आसान हो जाएगा। उन्होंने इस बात को माना कि एमएसएमई क्षेत्र को कर्ज मिलने में दिक्कत होती है और कर्ज पाना उनके लिए एक चुनौती है।
कंपनी कानून में संशोधन पर संसद में विचार किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को एमएसएमई डाटाबेस पोर्टल को लांच करने के दौरान जेटली ने कहा कि एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और कर्ज हासिल करना इस क्षेत्र की मुख्य चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद यह क्षेत्र विकास कर रहा है। आगे कहा कि कंपनी कानून को वर्ष 2013 में पारित किया गया। इसमें संबंधित पार्टी से लेन-देन का प्रावधान है और इससे एमएसएमई को कठिनाई आती है।
इस कानून में संशोधन का मामला संसद के समक्ष है और इस पर विचार किया जा रहा है। पिछले साल सरकार ने कंपनी कानून में संशोधन के लिए बिल पेश किया था ताकि कंपनी कानून से जुड़े स्टेकहोल्डर्स की समस्या को दूर किया जा सके और देश में कारोबारी प्रक्रिया और आसान व सरल बनाई जा सके। जेटली ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखते हुए कि एमएसएमई क्षेत्र में संगठित व बड़े कारपोरेट के मुकाबले काफी अधिक रोजगार निकलते हैं, सरकार एमएसएमई के विकास के लिए माकूल वातावरण तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार कारोबारी प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और जीएसटी के पारित होने पर इस दिशा में और एक कदम की प्रगति होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी से जुड़े संवैधानिक संशोधन बिल को संसद के दोनों सदनों ने पारित कर दिया है, जिससे विश्व समुदाय में सही संकेत गया है और इससे भारत के प्रति वैश्विक धारणा में बदलाव आएगा।
उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बावजूद भारत तेजी से विकास कर रहा है। सुधार के लिए भारत क्या चाहता है, इस विषय पर वैश्विक स्तर पर प्रश्नवाचक चिन्ह लगा था, लेकिन हाल ही में मौद्रिक नीति कमेटी, आधार कानून को लागू करना और दिवालिया संहिता से विश्व को ठोस संकेत मिला है।
एमएसएमई डाटाबैंक और वित्त सुविधा सेवा शुरू
केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट मामलों के मंत्री, अरुण जेटली ने आज विज्ञान भवन में एमएसएमई के राष्ट्रीय बोर्ड की 14वीं बैठक के अवसर पर एमएसएमई डाटा बैंक पोर्टल और ऑनलाइन वित्त सुविधा सेवा वेब पोर्टल का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर केंद्रीय एमएसएमई मंत्री, कलराज मिश्र, एमएसएमई राज्य मंत्री, गिरिराज सिंह भी मौजूद थे। मिश्र ने इस अवसर पर कहा कि एमएसएमई मंत्रालय की तरफ से व्यापक डाटा बैंक लांच करके पहली बार देश में एमएसएमई की ऑनलाइन जनगणना की जा रही है।
इससे न केवल भौतिक जनगणना के लिए आवश्यक प्रयासों और पैसे की बचत होगी, बल्कि एमएसएमई इकाइयां और विभिन्न संघ महज बटन क्लिक करके एवं अपनी इकाइयों में बैठ कर डाटा पेश कर सकेंगे। डाटाबैंक का उपयोग आखिरकार सार्वजनिक खरीद के लिए किया जाएगा और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एमएसएमई से खरीदारी के लिए डाटा का उपयोग करेंगे।