फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Ambulance with harvested lungs meets with road accident, swift action by medical team saves patient

Pune: एंबुलेंस का टायर फटने से घायल हुए डॉक्टरों ने नहीं मानी हार, फेफड़ों को समय पर पहुंचाकर बचाई मरीज की जान

Wed, 22 Nov 2023 03:22 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 22 Nov 2023 03:22 PM IST
सार

घटना सोमवार को पुणे के पास पिंपरी चिंचवाड़ शहर में हुई। जाने-माने हृदय एवं फेफड़े प्रतिरोपण सर्जन डॉ. संजीव जाधव और उनकी मेडिकल टीम ने कहा कि दुर्घटना में उन्हें चोटें आईं। इसके बावजूद मरीज की चिंता ज्यादा थी।

विज्ञापन
Ambulance with harvested lungs meets with road accident, swift action by medical team saves patient
Road Accident - फोटो : PTI

विस्तार

चेन्नई के एक मरीज पर जाको राखै साइयां, मारि सकै ना कोय कहावत सटीक बैठती है। दरअसल, पुणे के पास एक अस्पताल से फेफड़ों को लेकर जा रही एक एंबुलेंस शहर के हवाई अड्डे के रास्ते में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हालांकि, एक सर्जन और उनकी टीम ने बिना देरी किए दूसरा वाहन पकड़कर चेन्नई पहुंचे और एक मरीज जान बचा ली। मेडिकल टीम ने फेफड़े के प्रत्यारोपण की सर्जरी सफलतापूर्वक की।

विज्ञापन


26 साल के मरीज की बचाई जान
बता दें, घटना सोमवार को पुणे के पास पिंपरी चिंचवाड़ शहर में हुई। जाने-माने हृदय एवं फेफड़े प्रतिरोपण सर्जन डॉ. संजीव जाधव और उनकी मेडिकल टीम ने कहा कि दुर्घटना में उन्हें चोटें आईं। इसके बावजूद मरीज की चिंता ज्यादा थी। इसलिए घायल होने के बाद भी तमिलनाडु की राजधानी में 26 वर्षीय मरीज के फेफड़े के प्रत्यारोपण की सर्जरी की गई।
विज्ञापन


यह है मामला
नवी मुंबई के अपोलो अस्पताल के मुख्य कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. जाधव ने कहा कि पिंपरी चिंचवाड़ में हैरिस ब्रिज पर एंबुलेंस का एक टायर फट गया। इससे थोड़ी चोंटें भी आईं, लेकिन समय बर्बाद किए बिना एंबुलेंस के पीछे चल रहे एक अन्य वाहन में सवार हो गए। फेफड़े को लेकर पुणे हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां एक चार्टर्ड विमान चेन्नई के लिए उड़ान भरने का इंतजार कर रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


छह घंटे के अंदर ही सर्जरी जरूरी
पिंपरी चिंचवाड़ के डीवाई पाटिल अस्पताल में सोमवार को आत्महत्या से मरने वाले 19 वर्षीय एक व्यक्ति के फेफड़े निकाले गए। इसे चेन्नई स्थित अपोलो अस्पताल ले जाया जाना था, जहां एक मरीज के लगाए जाने थे। उन्होंने कहा कि फेफड़े को छह घंटे के अंदर ही इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए रोगी की जान बचाने के लिए कैसे भी चेन्नई पहुंचना जरूरी था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed